Mohan Bhagwat

अयोध्या में बरसों की प्रतीक्षा खत्म हो गई। पीएम मोदी के हाथों आज राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन हुआ। जिसके बाद आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि मंदिर बनाने के लिए कई लोगों ने बलिदान दिया।

महामारी काल में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने 'वर्तमान परिदृश्य और हमारी' भूमिका विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि कोरोना से पूरी दुनिया जूझ रही है।

मोहन भागवत ने कहा, "पूर्व में दो-दो साल तक शाखाएं बंद रहीं। फिर भी संघ का काम चलता रहा। शासन-प्रशासन की नीति और सामूहिक अनुशासन का पालन समाज को करना है। सामूहिक अनुशासन का पालन संघ की शिक्षा रही है। इसके हम अभ्यस्थ हैं।"

आरएसएस यूपी के बुलंदशहर जिले में ये पहला आर्मी स्कूल स्थापित कर रहा है। इसका नाम आरएसएस के पूर्व सरसंघचालक राजेंद्र सिंह उर्फ ​​रज्जू भैया के नाम पर रखा जाएगा।

इस दौरान उन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय द्वारा आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में आये छात्र छात्राओं और स्वयंसेवकों को संबोधित किया।

संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, आरएसएस प्रमुख गणतंत्र दिवस गोरखपुर में ही मनाएंगे। भागवत 26 जनवरी की सुबह झंडा फहराएंगे और इसके बाद गोरखपुर में शाखा स्तर के स्वयंसेवकों से बातचीत करेंगे।

बरेली में मोहन भागवत ने जनसंख्या नियंत्रण पर दिए गए अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि, 'मुझ से पूछा गया कितने बच्चे हों, मैंने कहा सरकार और सब तय करें, नीति बने, अभी पता नहीं, जनसंख्या समस्या और समाधान दोनों है।'

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सर संघचालक मोहन भागवत ने जनसंख्या वृद्धि के मुद्दे पर कहा है कि अब देश में दो बच्चों के कानून की जरूरत है।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने एक बड़ा बयान दिया है। सरसंघचालक चार दिवसीय प्रवास पर बुधवार रात से मुरादाबाद में हैं। गुरूवार को प्रांत प्रचारकों के साथ बैठक में उन्होंने कई महत्वपूर्ण मसलोम पर विमर्श किया।

जानकारी के मुताबिक सभी मुस्लिम पक्षकारों ने हाल ही में राजीव धवन के साथ मीटिंग की थी। इस मीटिंग में  रिव्यू पिटिशन डालने पर सहमति बन गई थी। राजीव धवन के पास इस रिव्यू पिटिशन को अंतिम रूप देने की जिम्मेदारी दी गई थी।