Mulayam Singh Yadav

आलोचना के बाद आजम खान ने अपने बचाव में कहा कि, "मैंने किसी का नाम नहीं लिया है। मैं जानता हूं कि मुझे क्या कहना चाहिए, अगर कोई साबित कर देता है कि मैंने कहीं, किसी का नाम लिया है

सॉलिसिटर जनरल ने अदालत से कहा कि एजेंसी ने 2013 में प्रारंभिक जांच को बंद कर दिया था, क्योंकि उसे कोई भी निर्णायक सबूत नहीं मिले थे।

बीजेपी सांसद और पीलीभीत से प्रत्याशी वरुण गांधी ने हिंदुत्व का मुद्दा उठाते हुए मुलायम सिंह यादव पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अयोध्या में रामभक्तों पर गोली चलवाने का पाप करने वाले मुलायम को उनके ही बेटे ने पार्टी में किनारे कर दिया। वरुण ने पूरनपुर विधानसभा क्षेत्र में रविवार को चुनावी सभा में कहा

घोषणापत्र में सपा संस्थापक मुलायम सिंह की फोटो न होने के संबंध में जब शिवपाल से पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि यह प्रगतिशील समाजवादी पार्टी है।

रायबरेली से दिनेश प्रताप सिंह, फिरोजाबाद से चंद्रसेन और माछिलशहर से वी.पी. सरोज चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमाएंगे। भाजपा ने मुंबई उत्तर पूर्व से मनोज कोटक को टिकट दिया है, जबकि यहां से मौजूदा सांसद किरीट सोमैया का नाम लिस्ट में नहीं है।

समाजवादी पार्टी (सपा) के संरक्षक मुलायम सिंह यादव लोकसभा चुनावों के लिए आज सोमवार को मैनपुरी में अपना नामांकन करेंगे। इस दौरान उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, सांसद धर्मेंद्र यादव, सांसद तेजप्रताप यादव व राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव के अलावा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम मौजूद रहेंगे।

मामले के मूल याचिकाकर्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। विश्वनाथ चतुर्वेदी ने अपनी अर्जी में मांग की है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सुप्रीम कोर्ट के 2007 और 2012 के आदेश के तहत क्या करवाई की है, इसकी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट या निचली अदालत में दाखिल करे।

40 प्रचारकों की सूची में भी मुलायम सिंह का नाम नहीं होने के बाद सियासी गलियारों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं हैं। राजनीति के जानकार तो अब यह तक कहने लगे हैं कि मुलायम सिंह यादव को लेकर पार्टी का भरोसा कमजोर हुआ है।

समाजवादी पार्टी (एसपी) के अध्यक्ष अखिलेश यादव की लोकसभा सीट को लेकर जारी अटकलों पर अब विराम लग गया है। एसपी की तरफ से जारी नई सूची में अब साफ हो गया है कि अखिलेश यादव आजमगढ़ की सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे।

कभी अपने अपमान को लेकर मुलायम सिंह यादव से दूरी बनाने वाली मायावती मैनपुरी में मुलामय सिंह यादव के साथ मंच साझा करेंगी। इस रैली पर सभी की निगाहें बनी हुई हैं क्योंकि पच्चीस सालों से दोनों को एक दूसरे की शक्ल तक देखना पसंद नहीं रहा।