Murli manohar joshi

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के विवाद को लेकर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व भाजपा अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी ने वाइस चांसलर को अपने पद से हट जाने की बात कही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी के 86वें जन्मदिन पर उन्हें शुभकामनाएं दी और उन्हें राष्ट्रहित के विषयों पर 'अटल व्यक्तित्व' का स्वामी बताया।

विवादित ढांचे को गिराए जाने के मामले की सुनवाई ने तेजी पकड़ ली है। उम्मीद की जा रही है कि इस पर भी जल्दी ही फैसला आ सकता है। यह मामला लखनऊ की एक विशेष सीबीआई अदालत में चल रहा है। इस मामले में बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी, उमा भारती, मुरली मनोहर जोशी समेत कई दिग्गज नेता आरोपी हैं।

अयोध्या मामले की सुनवाई कर रहे ट्रायल कोर्ट के जज मामले की सुनवाई पूरी कर फैसला देने के लिए छह महीने का वक्त मांगा है।

प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद मुरली मनोहर जोशी ने मीडिया से कहा, ''यह हमारी पार्टी की परंपरा है। हम वयोवृद्ध से शुभकामनाएं लेते हैं, ताकि भविष्य में और शक्ति के साथ काम कर सकें। इसी दृष्टि से प्रधानमंत्री जी और अध्यक्ष जी यहां आए थे। दोनों ने करिश्माई आंकड़ा हासिल किया। हमने पार्टी का बीज लगाया था। अब देश को स्वादिष्ट फल दिलाना इन दोनों की जिम्मेदारी है।''

जोशी-आडवाणी से मिले पीएम मोदी, कुछ यूं लिया आशीर्वाद

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के बाद अब मुरली मनोहर जोशी भी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। जोशी वर्तमान में उत्तर प्रदेश के कानपुर से सांसद हैं। पार्टी ने उन्हें लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने के लिए कहा है। उनकी तरफ से कानपुर के मतदाताओं को इस संबंध में संदेश भी दिया गया है।

भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी ने कानपुर के मतदाताओं के नाम पत्र जारी कर चुनाव न लड़ने की बात का खुलासा किया। मुरली मनोहर जोशी ने पत्र लिखकर कहा कि राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामलाल ने मुझे लोकसभा चुनाव न लड़ने की सलाह दी है

इस बार लोकसभा चुनाव में भारतीय राजनीति के कुछ बड़े चेहरे नजर नहीं आएंगे। राकांपा प्रमुख शरद पवार के चुनाव लड़ने की अटकलें थीं, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया।

मोदी सरकार आने के बाद भारतीय जनता पार्टी में तमाम वरिष्ठ नेताओं को 75 वर्ष की उम्र पार करने पर मंत्री पद से हटना पड़ा था। पार्टी में अब इस बात पर सवाल उठने लगा था कि जो नेता 75 वर्ष की उम्र को पार कर गए हैं क्या उन्हें लोकसभा चुनाव लड़ना चाहिए।