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शिवसेना सांसद संजय राउत ने गुरुवार को कहा कि भारत और उसके संविधान की बुनियाद धर्मनिरपेक्ष शब्द पर टिकी है। इसके साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि महाराष्ट्र में सरकार गठन की प्रक्रिया 10 दिनों में पूरी हो जाएगी।

उन्‍होंने एक बार फिर दोहराया कि राज्‍य में मुख्‍यमंत्री शिवसेना का ही होगा। उन्‍होंने कहा कि जनता यही चाहती है कि पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ही राज्‍य के मुख्‍यमंत्री बनें। उन्‍होंने दावा किया कि 1 दिसंबर से पहले सरकार गठन को लेकर सभी बाधाएं खत्‍म कर दी जाएंगी।

अब शरद पवार ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की है और कहा जा रहा है सोनिया गांधी शिवसेना समर्थन वाली सरकार बनाने को तैयार हो गई हैं। एनसीपी के सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है।

हालांकि इस मुलाकात को लेकर सियासी गलियारों में काफी चर्चा है और कहा ये तक जा रहा है कि महाराष्ट्र में भाजपा के साथ मिलकर एनसीपी सरकार बना सकती है और इसके एवज में एनसीपी को केंद्र में तीन अहम मंत्रालय दिए जा सकते हैं।

महाराष्ट्र में जारी सियासी घमासान के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी(एनसीपी) प्रमुख शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात की। इस बैठक में गृहमंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी मौजूद थी।

महाराष्ट्र में सियासी घमासान जारी है। इन सब के बीच शिवसेना के साथ गठबंधन करके सत्ता पर काबिज होने को लेकर एनसीपी और कांग्रेस की तरफ से पत्ते नहीं खोले जा रहे हैं। राष्ट्रपति शासन लगने के बाद से राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य में चुनाव नतीजों के बाद से ही राजनीतिक अस्थिरता का दौर जारी है।

महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर जारी सस्पेंस के बीच शिवसेना सांसद संजय राउत का बयान सामने आया है। संजय राउत ने कहा कि अगले पांच-छह दिनों में महाराष्ट्र में मजबूत सरकार का गठन किया जाएगा।

महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर जारी सियासी घमासान पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने बड़ा बयान दिया है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने इशारों-इशारों में महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना के बीच चल रहे तनाव पर दोनों दलों को नसीहत दी है।

शरद पवार को लेकर उन्होंने कहा कि शरद पवार को समझने में कई जन्म लग जाएंगे। राउत ने कहा कि हम किसानों के मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे, ये मुलाकात शरद पवार की अगुवाई में ही होगी।

शिवसेना की ओर से यह संदेश सीधा उद्धव ठाकरे ने दिया है। शिवसेना के संसदीय दल की बैठक में भी इस बात की जानकारी दी गयी है। उधर शिवसेना और एनसीपी-कांग्रेस का मामला अभी भी फंसा हुआ है।