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महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर जारी घमासान के बीच कांग्रेस ने एक बार फिर से शिवसेना को चकमा दिया है। शिवसेना को राज्यपाल की तरफ से 24 घंटे का वक्त दिया गया था। लेकिन आज शाम तक शिवसेना की तरफ से समर्थन की चिट्ठी राज्यपाल को नहीं सौंपी जा सकी।

नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले 15 दिनों से जारी गतिरोध आज समाप्त हो गया है। कांग्रेस ने शिवसेना...

वैसे महाराष्ट्र की राजनीति में मुख्यमंत्री के पद को लेकर जैसी उठा-पटक देखने को मिल रही है, ये महाराष्ट्र का चरित्र है। अगर इतिहास के पन्ने पलटें तो मिलेगा कि महाराष्ट्र में हर चुनाव में मुख्यमंत्री पद को लेकर झगड़ा हुआ है। तमाम कोशिशों के बाद अगर कोई मुख्यमंत्री बना थी, तो वह ज्यादा समय तक टिक नहीं सका।

महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर सियासी घमासान जारी है। इस बीच एनसीपी ने शिवसेना का समर्थन करने की बात कही है, हालांकि ऐसा करने से पहले वह कांग्रेस पार्टी के फैसले का इंतजार कर रही है। एनसीपी का कहना है कि कांग्रेस जो भी फैसला करेगी उसके मुताबिक ही वह अपना रुख तय करेगी।

महाराष्ट्र के राज्यपाल बी.एस. कोश्यारी ने रविवार शाम शिवसेना को यह बताने के लिए निमंत्रण दिया कि क्या वह सरकार बनाना चाहती है और उसके पास राज्य में अगली सरकार बनाने की क्षमता है।

एक प्रमुख राजनीतिक घटनाक्रम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को स्वीकार किया कि चुनाव पूर्व गठबंधन को जनादेश मिलने के बावजूद वह महाराष्ट्र में सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है।

9 नवंबर को महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है, लेकिन राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर अभी तक असमंजस बरकरार है। मुख्यमंत्री पद को लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच पेच फंसा है। संभावनाओं और शंकाओं की इन्हीं परिस्थितियों के बीच गुरुवार को भाजपा का एक दल प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल की अगुवाई में राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी से मौजूदा हालात पर मुलाकात करने वाला है। 

महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन में गतिरोध के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार यहां सोमवार को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर सकते हैं। एनसीपी नेता अजीत पवार ने यह बात मुंबई में कही।

महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन को लेकर अभी तक पेंच उलझा हुआ है। एक ओर जहां भाजपा और शिवसेना में तकरार के कारण सीएम प्रत्याशी अभी तक फाइनल नहीं हुआ, वहीं दूसरी ओर 54 सीटें जीतने वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पार्टी के समर्थन के लिए शिवसेना लगातार निगाह रखे हुए हैं।

शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे अपने बेटे आदित्य ठाकरे को सीएम बनवाने के लिए जी जान से जुट गए हैं। वे एनसीपी और कांग्रेस के संपर्क में हैं। शिवसेना लगातार इस बात के संकेत दे रही है कि वह इन दोनों ही पार्टियों का साथ लेकर महाराष्ट्र में सरकार बना सकती है।