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पीडब्ल्यूपी की अध्यक्ष जयंत पाटिल भी नाराज हैं और उनकी पार्टी के एक विधायक हैं। ऐसे ही बहुजन विकास आघाड़ी के अध्यक्ष हितेंद्र ठाकुर भी कैबिनेट में जगह न मिलने से खफा हैं।

महाराष्ट्र में सोमवार को उद्धव सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार हुआ। कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना के खाते से कुल 36 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। अजित पवार एक बार फिर राज्य के उपमुख्यमंत्री बने हैं, महीने में दूसरी बार उन्होंने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली।

महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के मंत्रिमंडल विस्तार से पहले घमासान छिड़ गया है। तीनों ही पार्टियां अपने हिस्से के अधिक मंत्री पद के लिए खींचतान कर रही हैं। इस बीच तीनों ही पार्टियों की संभावित लिस्ट सामने आ गई है।खास बात यह है कि शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे कैबिनेट मंत्री बनेंगे।

महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में महा अघाड़ी सरकार के गठन के करीब एक महीने के बाद आज पहला कैबिनेट विस्तार होगा। महाराष्ट्र में कुल 36 मंत्री शपथ लेने वाले हैं। इनमें 25 कैबिनेट मंत्री होंगे, जबकि 10 राज्य मंत्री होंगे।

मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने राज्य में हालिया राजनीतिक घटनाक्रम को लोगों का अपमान बताया। साथ ही पूर्ववर्ती भाजपा-शिवसेना गठबंधन पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि शिवसेना और भाजपा ने जनता की भावनाओं का अपमान किया है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार को उम्र के 80वें साल में प्रवेश करने पर गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शुभकामनाएं दी। पीएम मोदी ने ट्वीट किया, "शरद पवार जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं। उनकी लंबी उम्र व स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करता हूं।"

रविवार को दादर स्थित मुंबई बीजेपी कार्यालय में कोर कमेटी की बैठक हुई। जिसमें प्रदेशाध्यक्ष चंद्रकांत पाटील, राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री वी. सतीश, मुंबई बीजेपी अध्यक्ष मंगलप्रभात लोढ़ा आदि ने भाग लिया।

फडणवीस ने आगे कहा कि अजित पवार ने हमसे संपर्क किया और कहा कि राकांपा(एनसीपी) कांग्रेस के साथ नहीं जाना चाहती। तीन पार्टियों की सरकार को नहीं चलाया जा सकता।

महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस गठबंधन के महाविकास अघाड़ी को बीजेपी ने जबरदस्त चोट दी है। उद्धव सरकार बनने के महज एक हफ्ते के अंदर ही ठाणे जिले की भिवंडी महानगर पालिका के मेयर चुनाव में बीजेपी गठबंधन ने चुनाव जीत लिया।

27 नवंबर को बॉम्बे हाईकोर्ट में जमा किए गए शपथपत्र के मुताबिक विदर्भ सिंचाई विकास निगम (वीआईडीसी) के चेयरमैन अजित पवार को कार्यकारी एजेंसियों के कार्यों के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है, क्योंकि पवार के पास कोई वैधानिक दायित्व नहीं है।