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इंग्लैंड के बल्लेबाज जोए डेनली टखने की चोट के कारण न्यूजीलैंड के खिलाफ जारी पांच मैचों की टी-20 सीरीज से बाहर हो गए हैं। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के अनुसार, डेनली को पहले टी-20 मैच से पहले अभ्यास के दौरान चोट लगी थी।

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए मेजबान टीम ने निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट पर 153 रन बनाए। इंग्लैंड ने 18.3 ओवर में महज तीन विकेट खोकर लक्ष्य को हासिल कर लिया। विन्स को उनके दमदार प्रदर्शन के लिए 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया।

नई दिल्ली।  अगले साल यानि 2020 में ऑस्ट्रेलिया में होने जा रहा है आइसीसी टी20 वर्ल्ड कप। बता दें, इस...

विलियम्सन को आराम देने का फैसला न्यूजीलैंड के घरेलू टूर्नामेंट प्लंकट शील्ड में नॉर्थन डिस्ट्रिक और केंटाबरी के बीच हेग्ले ओवल मैदान पर खेले गए मैच के बाद लिया गया। इस मैच में वह नॉर्थन डिस्ट्रिक की कप्तानी कर रहे थे।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, सोमवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में जलवायु सम्मेलन में अर्डर्न ने कहा कि हालांकि न्यूजीलैंड का कुल वैश्विक उत्सर्जन में हिस्सा महज 0.17 प्रतिशत है, लेकिन 1990 के बाद से इसका सकल उत्सर्जन 23 प्रतिशत से थोड़ा अधिक हो गया है और इसका विशुद्ध उत्सर्जन 65 प्रतिशत है।

इंग्लैंड की विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रहे विकेटकीपर बल्लेबाज जॉनी बेयरस्टो को न्यूजीलैंड के साथ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए टीम से बाहर कर दिया गया है।

न्यूजीलैंड के खिलाफ हैट्रिक सहित चार गेंदों पर चार विकेट लेने वाले श्रीलंका के अनुभवी तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा आईसीसी की ताजा टी-20 रैंकिंग में गेंदबाजों की सूची में 20 स्थान की लंबी छलांग लगाकर 21वें नंबर पर पहुंच गए है।

श्रीलंका द्वारा रखे गए 126 रनों के सामने कीवी टीम 16 ओवरों में 88 रन ही बना सकी। शुरुआती दो मैच जीत न्यूजीलैंड ने सीरीज पहले ही अपने नाम कर ली थी। श्रीलंका घर में खेल रही थी ऐसे में उसके ऊपर अपने आप को 3-0 की शिकस्त से बचने का दबाव था। आखिरी मैच जीत उसने एक तरह से अपनी साख को बचा लिया।

कोलिन डी ग्रांडहोम (59) और टॉम ब्रूस (53) की अर्धशतकीय पारियों की बदौलत न्यूजीलैंड ने मंगलवार को यहां पल्लेकेले स्टेडियम में खेले गए दूसरे टी-20 मैच में मेजबान श्रीलंका को चार विकेट से हरा दिया।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच परिपक्व रक्षा सम्बन्ध हैं, जिन्हें 2006 के रक्षा सहयोग ज्ञापन और सुरक्षा सहयोग पर 2009 के संयुक्त घोषणापत्र द्वारा मजबूत आधार प्रदान किया गया है।