Nirbhaya Case

अपने स्थानांतरण से पहले वह निर्भया दुष्कर्म और हत्या का मामला सुन रहे थे। वह निर्भया के माता-पिता की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, ताकि चारों दोषियों को फांसी की सजा देने का निर्देश दिया जा सके।

सुप्रीम कोर्ट निर्भया बलात्कार और हत्या मामले में मौत की सजा पाए एक दोषी पवन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज यानी 20 जनवरी को सुनवाई हुई।

निर्भया के चारों दोषियों की फांसी का दिन आखिरकार तय हो गया। अब इन्हें 1 फरवरी को सुबह 6 बजे फांसी दी जाएगी। बता दें, पहले 22 जनवरी को फांसी का ऐलान किया गया था।

निर्भया के आरोपी विनय द्वारा खुदकुशी की कोशिश करने की खबर पर तिहाड़ प्रशासन ने सफाई दी है। तिहाड प्रशासन ने इस खबर को गलत और निराधार करार दिया। तिहाड़ सूत्रों के मुताबिक ये निर्भया के गुनहगारों के वकीलों की सोची समझी चाल है।

निर्भया गैंगरेप केस के दोषी मुकेश की दया याचिका गृह मंत्रालय ने राष्ट्रपति के पास भेज दिया है। सूत्रों का कहना है कि गृह मंत्रालय ने राष्ट्रपति से इस याचिका को खारिज कर मौत की सजा बरकरार रखने की सिफारिश की है। अब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद याचिका पर निर्णय लेंगे।

याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने मुकेश के वकील को पटियाला हाउस कोर्ट जाने को कहा है। जिसका मतलब हाई कोर्ट में मुकेश की याचिका पर सुनवाई नहीं होगी।

निर्भया गैंगरेप केस में दो दोषियों ने फांसी की सजा के बाद सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव याचिका डाली दी थी, जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को खारिज कर दी।

निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले में मौत की सजा का सामना कर रहे दो दोषियों द्वारा दायर उपचारात्मक (क्यूरेटिव) याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 14 जनवरी को सुनवाई करेगा।

एक तरफ जहां निर्भया गैंगरेप के चारों दोषियों को फांसी पर लटकाए जाने की तारीख मुकर्रर होने के बाद फांसी देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है तो वहीं अब दोषियों की कोशिश इस बात की है कि उन्हें मिलने वाली फांसी की सजा में और देरी होती जाए।

निर्भया के गुनहगार अब क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल करने की तैयारी में हैं। उनके वकील एपी सिंह ने इस बात की पुष्टि की है। उन्हें इस सिलसिले में कुछ दस्तावेजों की ज़रूरत है, जिसके लिए आवेदन कर दिया गया है।