nizammudin markaz case

दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, तबलीगी जमात के प्रमुख ने आज दिल्‍ली के जाकिर नगर की अबू बकर मस्जिद में जुमे की नमाज अदा की। बताया जा रहा है कि थोड़ी देर रुककर वह वापस लौट गया।

गौरतलब है कि मरकज में इंडोनेशिया, मलेशिया, थाइलैंड, ईरान, चीन और बांग्लादेश समेत कई देशों से जमाती आए हुए थे। मरकज में शामिल होने के बाद यह लोग देश के अलग-अलग हिस्सों में गए थे। मरकज का कोरोना कनेक्शन सामने आने के बाद कई सभी विदेशी जमातियों को क्वारनटीन किया गया था।

सूत्र ने आगे कहा कि साद ने पुलिस को उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर की प्रति साझा करने को कहा है और साथ ही कहा है कि अगर एफआईआर में कोई नया खंड (सेक्शन) जोड़ा गया है तो उसे इसके बारे में सूचित करें।

निजामुद्दीन बस्ती स्थित मरकज तबलीगी जमात मुख्यालय के मुखिया मौलाना मो. साद कांधलवी को पकड़ने की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। खबरें आ रही हैं कि, क्राइम ब्रांच की टीम मौलाना मो. साद और उनके साथ एफआईआर में नामजद बाकी लोगों से पूछताछ को सोमवार की शाम या फिर मंगलवार को ही मौलाना साद के अड्डे पर धमक सकती है।

दिल्ली में निजामुद्दीन मरकज से 2361 जमातियों को बाहर निकाला गया था। इसमें से करीब 600 जमातियों को हॉस्पिटल्स में भर्ती  कराया गया था। बाकियों को दिल्ली-एनसीआर में अलग-अलग जगह क्वारंटीन किया गया था।

ओवैसी ने मीडिया पर व्यंग कसने की कोशिश करते हुए कहा कि आप लोग 15 दिनों तक हिंदू मुस्लिम न करें, फिलहाल देश में बहुत बड़ी आफत आई हुई है, उसके बाद हमेशा की तरह आप हिंदू-मुस्लिम करते रहिये।

पुलिस ने इन सभी 10 लोगों को हिरासत में लेकर सिविल अस्पताल में भर्ती किया है। पुलिस के मुताबिक सभी 10 लोगों का कोरोना टेस्ट किया जाएगा। इसके साथ ही पुलिस यह भी पता करने की कोशिश कर रही है कि दिल्ली के मरकज से उनका कोई संबंध था कि नहीं।