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दिल्ली के शाहीन बाग प्रदर्शन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई से फिलहाल इनकार कर दिया है। कोर्ट का कहना है कि सुनवाई के लिए अभी माहौल ठीक नहीं है, अब अगली सुनवाई होली के बाद 23 मार्च को होगी।

उत्तरी-पूर्वी दिल्ली में सीएए के विरोधी और समर्थकों के बीच हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। इसी वजह से गुरु तेग बहादुर अस्पताल पहुंचाए जा रहे घायलों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। घायलों का इलाज कर रहे एक डॉक्टर ने बताया कि 15 से ज्यादा लोग गोली लगने से घायल हुए हैं।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किशन रेड्डी ने मंगलवार को कहा कि कुछ तत्व अभी भी दिल्ली में हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री ने संवाददाताओं से कहा, "खबरें आ रही हैं कि आज भी हिंसा पैदा करने की कोशिश की जा रही है। हम हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय जांच करेंगे और लोगों के सामने सच्चाई लाएंगे।"

रिपोर्ट्स में कहा गया कि पीएफआई का दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद परवेज अहमद शाहीन बाग प्रदर्शन का प्रमुख भागीदार है। परवेज भीम आर्मी के कई व्हाट्सएप ग्रुपों से भी जुड़ा हुआ है।

उत्तर पूर्वी दिल्ली में स्पेशल सेल, क्राइम ब्रांच और इकोनॉमिक क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के साथ अर्धसैनिक बलों की 35 कंपनियां तैनात की गई हैं। दिल्ली के विभिन्न जिलों से स्थानीय पुलिस को भी बुलाया गया है।

दिल्ली दमकल विभाग के निदेशक अतुल गर्ग ने कहा, "आग लगने की सूचना के कुल 45 फोन कॉल आए, दमकल विभाग के एक वाहन पर पत्थरबाजी की गई और एक वाहन को पूरी तरह जला दिया गया। तीन दमकल कर्मी घायल हो गए।"

आप विधायक व मंत्री गोपाल राय ने कहा कि, बाबरपुर में चारों तरफ दहशत का माहौल बना हुआ है दंगाई फायरिंग व आग लगाते घूम रहे हैं लेकिन पुलिस फोर्स नहीं है।

जिन 7 लोगों की मौत हो चुकी है, उसमें हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल भी शामिल हैं। इसके अलावा 100 से ज्यादा लोग घायल हैं। गौरतलब है कि मंगलवार सुबह भी हालात तनावपूर्ण है।

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर दिल्ली के कई इलाकों में भड़की हिंसा के तार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे से जुड़ते दिख रहे हैं।

दिल्ली के जाफराबाद में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ धरने पर बैठे लोग हिंसक हो गए। पुलिस पर पथराव के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाफराबाद में दस गाड़ियों में भी आग लगा दी।