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Rajasthan: राजस्थान (RAJASTHAN) में गुर्जर लंबे समय से आरक्षण (GURJAR RESERVATION) की मांग कर रहे हैं और इसी मांग को लेकर एक बार फिर से पहली नवंबर को गुर्जर आंदोलन करने की बात कही गई है।

NSA Ajit Dobhal: बता दें कि डोभाल(Ajit Doval) जब भी अपने गांव जाते हैं तो लोगों से मुलाकात कर उनका हालचाल जानते हैं, और उनकी समस्याओं का निदान भी करते हैं। यहीं नहीं जरूरतमदों को आर्थिक मदद भी करते रहे हैं डोभाल।

एएमयू में भड़काऊ भाषण देने वाले डॉ. कफील खान पर लगी रासुका में गृह मंत्रालय ने तीन महीने की बढ़ोतरी की है। डॉ. कफील पर 13 फरवरी को एनएसए लगाई गई थी। वह वर्तमान में मथुरा जेल में बंद हैं। कफील गोरखपुर में बच्चों के डॉक्टर रहे है। 

शनिवार को सुरक्षा एजेंसियों से जम्मू और कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर घुसपैठ रोधी ग्रिड को और मजबूत करने के लिए कहा है. एक उच्च-स्तरीय सुरक्षा बैठक में, एनएसए डोभाल ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ अभियान की समीक्षा की।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल तो मंगलवार की पूरी रात इन हिंसाग्रस्त इलाके में खुद हीं गश्त करते रहे। उन्होंने बड़ी बारिकी से हालात का जायजा लिया और फिर वह अगले दिन यानी मंगलवार को तड़के ही इन इलाके की गलियों में सामान्य आदमी की तरह जनता के बीच मिलने पहुंच गए।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को हिंसा रोकने की जिम्मेदारी दी गई। जिसके बाद डोभाल एक बार फिर से नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के सीलमपुर इलाके में डीसीपी ऑफिस पहुंचे।

भड़काऊ बयानों के आरोपी डॉ कफील खान पर योगी सरकार ने रासुका लगा दी है। कफील खान गोरखपुर मेडिकल कॉलेज गैस कांड में भी आरोपी हैं। नागरिकता कानून को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन में भड़काऊ भाषण देने के आरोप में डॉक्टर कफ़ील पहले से मथुरा जेल में बन्द हैं।

भाजपा के दो मुख्य एजेंडे, जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटाने और राम मंदिर फैसले के बाद सुरक्षा व शांति व्यवस्था कायम रखने के पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल और उनकी एडवायजरी काउंसिल का अहम रोल रहा।

रविवार को बाबा रामदेव समेत स्वामी परमात्मानंद, स्वामी अवधेशानंद, शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद और अन्य धर्मगुरुओं की बैठक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के आवास पर हुई।

अयोध्या पुलिस के मुताबिक कई सोशल मीडिया सेल जनपद अयोध्या में कई व्हाट्सएप ग्रुपों में इस प्रकार के भ्रामक मैसेज का प्रसार किया जा रहे हैं जिसका अयोध्या पुलिस पूर्णतया खंडन करती है।