old pension scheme

पुरानी पेंशन योजना को लागू करने का वादा कांग्रेस और विपक्षी दल लगातार कर रहे हैं। कांग्रेस ने कर्नाटक और हिमाचल विधानसभा चुनाव के अलावा हाल ही में हुए मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम विधानसभा चुनाव में भी ओपीएस लागू करने का वादा किया था।

आरबीआई के मुताबिक अगर सारे राज्य ओपीएस को फिर लागू करते हैं, तो उनपर खर्च का दबाव 4.5 गुना बढ़ जाएगा। इसका जीडीपी पर खराब असर होगा। ओपीएस लागू करने से साल 2060 तक अतिरिक्त खर्चा का जीडीपी पर बोझ 0.9 फीसदी तक पहुंचने के आसार बन जाएंगे।

Issues Of Lok Sabha Election: लोकसभा चुनाव में करीब 6 महीने बचे हैं। इससे पहले राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना जैसे अहम राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं। राज्यों के विधानसभा चुनाव सेमीफाइनल हैं। इन अहम चुनावों से पहले विपक्ष ने 3 मुद्दे तय किए हैं। अब नजर इस पर है कि पीएम मोदी किस तीर से इनको काटते हैं।

2004 से पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) सरकार ने बंद कर दी थी। इसकी जगह नई पेंशन योजना (एनपीएस) लागू की गई थी। सरकारी खजाने पर ओपीएस बोझ बन रहा था। इसकी वजह से अटल बिहारी वाजपेयी की तत्कालीन सरकार ने एनपीएस लागू किया था। इसके खिलाफ काफी दिनों से सरकारी कर्मचारी आवाज उठा रहे हैं।

कांग्रेसी ने स्पष्ट कर दिया कि अगर प्रदेश में हमारी सरकार बनी तो हम इन वादों को पूरा करेंगे। बहरहाल, अब आगामी दिनों में मध्य प्रदेश की राजनीतिक परिदृश्य कैसा रहता है। इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी, लेकिन आइए उससे पहले उन वादों पर नजर डालते हैं , जो कि प्रियंका गांधी ने जबलपुर की रैली में जनता से किए हैं। 

राजस्थान सरकार ने पहले ही कहा था कि एनपीएस में जमा सरकारी कर्मचारियों की धनराशि को वापस लेने के लिए वो सुप्रीम कोर्ट जाएगी। अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बयान के बाद इस मामले में केंद्र और कुछ राज्य सरकारों के बीच कानूनी जंग शुरू होने के आसार बन गए हैं।

सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के मुद्दे पर विपक्षी दल लगातार बीजेपी को चोट दे रहे हैं। इस मुद्दे पर पंजाब में आम आदमी पार्टी ने सरकार बना ली। इसी मुद्दे पर कांग्रेस ने हिमाचल में बीजेपी की सरकार उखाड़ फेंकी। छत्तीसगढ़ और राजस्थान की कांग्रेस सरकारों ने भी कहा है कि वो ओपीएस लागू करेंगे।

Himachal Pradesh: साल 2003 में प्रदेश में ओल्ड पेंशन स्कीम को वापस ले लिया गया था। जिसका बड़े पैमाने पर विरोध किया गया। लोगों ने सरकार से इस स्कीम को बहाल कनरे की मांग की गई, लेकिन तत्कालीन सरकार द्वारा इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया। इसी बीच जब चुनाव ने दस्तक दी तो कांग्रेस ने इसका सियासी मोर्चे पर भरपूर फायदा उठाया।

Montek Ahluwalia: ध्यान रहे कि कई राज्यों में पिछले दिनों चुनाव के दौरान पुरानी पेंशन स्कीम को लागू करने की मांग की गई। दरअसल, ऐसा करने कई राजनीतिक दलों के नुमाइंदे अपने सियासी हितों को साधना चाहते थे। हिमाचल चुनाव के दौरान कांग्रेस ने जनता को रिझाने के लिए पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल करने की बात कही थी।

हिमाचल प्रदेश में अब सुक्खू की सरकार बनने के बाद राज्य के सरकारी कर्मचारियों की उम्मीदों को पर लग गए हैं। कांग्रेस ने इस बार तमाम चुनावी वादे किए थे। इनमें से सबसे अहम पुरानी पेंशन स्कीम OPS को दोबारा लागू करना था। कांग्रेस के नेताओं ने वादा किया था कि पहली कैबिनेट बैठक में ही इसको लागू किया जाएगा।

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