Pandit Dayanand Shastri

राहु के फैलाये हुए जाल से भारत बाहर निकलेगा। राहु मायाजाल है, प्रभावी गृह(छाया) है और अब तक अपने स्व नक्षत्र आर्द्रा में था तो उसकी यह ताकत बढ़ी हुई थी। पण्डित दयानन्द शास्त्री जी ने बताया की विगत 22 अप्रैल 2020 की सुबह 8 बज कर 51 मिनट पर स्पष्ट राहु आर्द्रा अक्षत्र को छोड़ कर मृगशिरा में आ गए थे, इसी क्रम में कल, 20 मई 2020 की दोपहर बाद 3 बजकर 25 मिनट पर मध्यम राहु भी आर्द्रा अक्षत्र को छोड़ कर मृगशिरा नक्षत्र में आ गए हैं। कोरोना पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ेगा।

धनु एवं मीन राशि में सूर्य देव के प्रवेश करने से खरमास लगता है। इस वर्ष 14 मार्च (शनिवार) 2020 से खरमास शुरू हो रहा है, जो एक माह तक रहेगा। इस दौरान कोई भी मांगलिक कार्य नहीं किए जाएंगे। इस दौरान विवाह भी नहीं होगा।

उज्जैन के पण्डित दयानन्द शास्त्री जी ने बताया कि नव संवत्सर में नवग्रहों के बीच मंत्रिमंडल में इस बार राजा बुध और मंत्री चंद्रमा रहेंगे। पूरे वर्ष बुद्धदेव का आधिपत्य रहेगा। बुद्ध कन्या राशि का स्वामी है। अंग्रेजी नववर्ष की शुरुआत कन्या लग्न में ही होगी।

पंडित दयानन्द शास्त्री का मानना है कि शीत ऋतु में चतुर्थ व पंचग्रही युति का प्रभाव मौसम में स्पष्टरूप से देखने को मिलेगा। जनवरी 2020 से मौसम में विचित्र परिवर्तन दिखाई देगा। पहाड़ों पर बर्फबारी के साथ मैदानी इलाकों में मघावट जैसी बारिश व ओला वृष्टि होगी।