Parents

पूर्वज अनुभूति में पृथ्वी सजीव है। यह निर्जीव नहीं है। लाखों जीवों की धारक है। इसी में उगना उदय और अस्त होना प्रत्येक प्राणी की नियति है। यह जननी है। पृथ्वी को माता कहने वाले यह ऋषि अंधविश्वासी नहीं हैं।

बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव ने बताया कि आदित्य के पिता को शासन के आदेश से अवगत करा दिया गया है। प्रधानाचार्य ने बताया, "पवन आचार्य ने अक्टूबर 2018 में पहले उपमुख्यमंत्री डॉ़ दिनेश शर्मा को पत्र भेजा था।

डीबीएचपीएस एक राष्ट्रीय महत्व रखने वाला संस्थान है। इसकी स्थापना सन् 1918 में महात्मा गांधी ने दक्षिणी राज्यों में हिंदी के प्रचार के उद्देश्य से की थी। यहां हिंदी की पहली कक्षा गांधी के बेटे देवदास ने ली थी।

अनिल ने ट्वीट किया, "मेरी जिंदगी में अब तक जो कुछ भी हुआ उसमें तुम सबसे खास हो..साथ में बिताई गई हमारी जिंदगी एक बड़े एडवेंचर के जैसे रहा और मैं इस चीज को नहीं बदलना चाहूंगा।

भारतीय परंपरा में श्राद्ध का काफी महत्व है। त्रिपिंडी श्राद्ध करने का अधिकार विवाहित पति-पत्नी के जोड़े को होता है। जिसकी पत्नी जीवित नहीं है, उसे भी यह अधिकार है।