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India-China Faceoff : भारत-चीन (India China Clash) के बीच लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर तनातनी जारी है, लेकिन इस बीच भारत ने बड़ी दरियादिली दिखाई है। भारतीय सेना (Indian Army) ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के सैनिक कॉर्पोरल वांग या लांग (Corporal Wang Ya Long) को चीन को सौंप दिया है।

चीन(China) के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स(Global Times) ने कहा है कि, भारत(India) के रक्षा मंत्री का बयान उकसाने वाला है और इससे सीमा पर सर्दियों में तनाव बहुत बढ़ सकता है।

राष्ट्रपति जिनपिंग(Jinping) चीन(China) के सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के भी चेयरमैन हैं। इस लिहाज से पीएल(PLA) की हर गतिविधि के लिए वह जिम्मेदार हैं। जिसका मतलब ये हुआ पीएलए का हर कदम उनकी स्वीकृति के बगैर नहीं उठ सकता।

मॉस्को में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) और चीनी रक्षा मंत्री के बीच मुलाकात चीनी प्रशासन के अनुरोध पर हुई है।

चीनी आक्रामकता का जवाब देने के लिए भारत ने पड़ोसी देश के साथ लगती सीमा पर और 35 हजार सैनिक बढ़ाने का फैसला किया है।

पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में एक बार फिर से पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) द्वारा अतिक्रमण की खबरें आ रही हैं। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच जहां 15 जून की रात झड़प हुई थी, वहीं पर चीनी सैनिक फिर से पहुंच गए हैं और टेंट लगा दिए हैं।

लद्दाख की गलवान घाटी में सोमवार रात भारत और चीन की सीना में हिंसक झड़प में पर शीर्ष अमेरिकी सांसद ने भी माना है कि पीएलए ने भारतीय क्षेत्र को कब्जाने के इरादे से झड़प शुरू की। उन्होंने कहा है कि ऐसा प्रतीत होता है कि चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी ने भारतीय क्षेत्र पर कब्जा करने के इरादे से झड़प शुरू की।

जहां भारत के सैनिकों के पराक्रम को पूरी दुनिया सलाम कर रहा है वहीं चीन की इस धोखेबाजी के लिए हर मंच से उसकी फजीहत हो रही है।