Pollution

बीजिंग और नानजिंग के मेगासिटी में कई डेटासेट में ब्लैक कार्बन ट्रेसर विधि को लागू करने से, शोधकर्ताओं ने पाया कि गर्मी के मौैसम में कुल कार्बनिक ऐयरोसोल में खाना पकाने के दौरान निकले ऑर्गेनिक ऐरोसोल का योगदान 15-27 प्रतिशत था।

गुओ ने कहा, "जितने छोटे कण होते हैं, उतनी ही आसानी से वे फेफड़ों में गहराई तक प्रवेश कर सकते हैं और अधिक टॉक्सिक कॉम्पोनेंट ग्रहण करने के चलते मौत की संभावना बढ़ जाती है।"

दिल्ली की वायु इतनी प्रदूषित है कि इसमें रहने वाले किसी भी व्यक्ति को कैंसर हो सकता है। वहीं युवती को भी इसी वायु प्रदूषण से ये बीमारी हुई है।

बता दें कि मोदी सरकार ने स्वरोजगार और प्रदूषण को रोकने के लिए ई-रिक्शा का काफी प्रचार- प्रसार किया है।खुद पीएम मोदी ने ई-रिक्शा को लोगों में लोकप्रिय बनाने के लिए एक बड़े कार्यक्रम की शुरुआत की थी।

कोई यह नहीं सोच रहा कि गंगा को कैसे बचाया जाए? उन्होंने कहा कि पहले प्रदूषण पर रोक लगाना भी बहुत जरूरी है। अगर कोई दोहन कर रहा है, तो सरकार को चाहिए कि पानी ज्यादा बढ़ाकर छोड़ दे, जिससे जीव-जंतु और पक्षीयों की जान बच सकती है।

​गूगल ने पर्यावरण रक्षा कोष के एक प्रस्ताव के बाद सबसे पहले अपनी स्ट्रीट व्यू कारों को 2012 में ओकलैंड में वायु प्रदूषण सेंसर से लैस करना शुरू किया था। कारों में इंटरनेट से जुड़े वायु गुणवत्ता सेंसर से ग्रीनहाउस गैस मीथेन, पार्टिकुलेट मैटर, ओजोन, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड समेत अन्य गैसों की माप लेकर आंकड़े एकत्र किए जाते हैं।

राव इंद्रजीत सिंह ने अरावली को बचाने के साथ प्रदूषण को खत्म करने की कही बात

मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पटाखों की तुलना में वाहन सबसे अधिक मात्रा में वातावरण को प्रदूषित करते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लोग पटाखों पर प्रतिबंध की मांग क्यों करते हैं जबकि साफ महसूस किया जा सकता है कि ऑटोमोबाइल्स कहीं अधिक प्रदूषण करते हैं।

पर्यावरण की स्वच्छता और संतुलन के लिए काम करने वाली 'ग्रीनपीस' नाम की एक गैर सरकारी संस्था (NGO) ने देश की राजधानी नई दिल्ली को विश्व का सबसे प्रदूषित राजधानी घोषित किया है।

चिकित्सकों का कहना है कि कैंसर के कारण देश में होने वाली 22 फीसदी मौतों का कारण पैसिव स्मोकिंग हैं। वहीं निम्न आयवर्ग वाले देशों में हेपेटाइटिस और पेपिलोमा वायरस का संक्रमण कैंसर के 25 फीसदी मामलों का कारक हैं।