pooja

साउथ अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले से पहले टीम इंडिया की जीत के लिए भोपाल में किया गया हवन पूजन

पीपल के पेड़ के नीचे शनिदेव की मूर्ति के पास तेल चढ़ाएं - चीटियों को काला तिल और गुड़ खिलाएं - चमड़े के जूते चप्पल गरीबों में दान करें - पीपल के पेड़ में केसर, चन्दन, फूल आदि अपिर्त करके तेल का दीपक जलाएं - यदि नीलम धारण किया हुआ है तो इसे शनि जयंती पर उतार दें।

हर घर की एक कुलदेवी होती हैं। आज भारत में 70% परिवार अपने कुलदेवी को नहीं जानते। कुछ परिवार बहुत पीढ़ियों से कुलदेवी का नाम तक नहीं जानते।

कपूर ख़ुशबूदार व ज्वलनशील है, इसलिए पूजा-हवन के दौरान वातावरण की शुद्धता के लिए इसका उपयोग करते हैं। इसके कई चिकित्सीय लाभ भी हैं, इसी कारण आयुर्वेदिक उपचारों में भी इसका इस्तेमाल होता है।

आप के अपने घर मे गृह शांति और रक्षा के लिए एक विधि प्रस्तुत है जिसके द्वारा आप अपने घर पर पूजन करके नारियल बाँध सकते हैं। यह प्रयोग किसी भी शुभ तिथि पर किया जा सकता है।

भारतीय समाज में कुलदेवता या कुलदेवी का अपना अलग ही महत्व है। लोग भगवान के पूजन-अर्चना के अलावा विशेष कर अपने कुलदेवता या कुलदेवी की पूजा करते है।

हिंदू धर्म में रामनवमी बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होते है। धर्मशास्त्रों के अनुसार राम नवमी के ही दिन त्रेता युग में महाराज दशरथ के घर विष्णु जी के अवतार भगवान श्री राम का जन्म हुआ था। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का जन्म रावण के अंत के लिए हुआ था।

इस वर्ष 2019 में चैत्र शुक्लपक्ष की अष्टमी तिथि को नवरात्रि अष्टमी तिथि मनाई जाती है। वहीं चैत्र शुक्लपक्ष की नवमी तिथि को नवमी तिथि को रामनवमी मनाई जाती है। इस दिन कन्याओं का पूजन कर नवरात्रि के नौ दिनों के व्रत का पारण किया जाता है। इस बार नवमी तिथि 13 अप्रैल की सुबह 8.19 बजे से 14 अप्रैल की सुबह 6.04 बजे तक है। इसलिए 13 अप्रैल दिन शनिवार को महानवमी का व्रत होगा।

संकट मोचन, अंजनी सुत, पवन पुत्र हनुमान का जन्मोत्सव चैत्र माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है| प्रभु के लीलाओं से कौन अपरिचित अंजान है| हनुमान जयंती के दिन बजरंगबली की विधिवत पूजा पाठ करने से शत्रु पर विजय और मनोकामना की पूर्ति होती है|

यदि व्यक्ति के पितृ असंतुष्ट होते हैं, वे अपने वंशजों की जन्म-कुंडली में पितृ दोष से संबंधित ग्रह-स्थितियों का सृजन करते हैं।