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संकट मोचन, अंजनी सुत, पवन पुत्र हनुमान का जन्मोत्सव चैत्र माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है| प्रभु के लीलाओं से कौन अपरिचित अंजान है| हनुमान जयंती के दिन बजरंगबली की विधिवत पूजा पाठ करने से शत्रु पर विजय और मनोकामना की पूर्ति होती है|

यदि व्यक्ति के पितृ असंतुष्ट होते हैं, वे अपने वंशजों की जन्म-कुंडली में पितृ दोष से संबंधित ग्रह-स्थितियों का सृजन करते हैं।   

रामभक्त हनुमान रामभक्त हनुमान को हम नाजाने कितने ही नामों से पूजते हैं। कोई उन्हें पवनपुत्र कहता है तो कोई महावीर, कोई अंजनीपुत्र बुलाता है तो कोई कपीश नाम से उनकी अराधना करता है।

शिवपुराण के अनुसार, एक बार ब्रह्मा व विष्णु में विवाद छिड़ गया कि दोनों में श्रेष्ठ कौन है? ब्रह्माजी सृष्टि के रचयिता होने के कारण श्रेष्ठ होने का दावा कर रहे थे और भगवान विष्णु पूरी सृष्टि के पालनकर्ता के रूप में स्वयं को श्रेष्ठ कह रहे थे।

जानिए 51 शक्तिपीठ के बारे में, पढ़ें विवरण

शिव भक्तों के लिए शिवरात्रि एक बड़ा पर्व है, यूं तो हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को शिवरात्रि होती है, लेकिन फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की शिवरात्रि का विशेष महत्व है। इसलिए इसे मात्र शिवरात्रि ना कहकर ‘महाशिवरात्रि’ कहा जाता है।

सुन्दर घर, बहुमूल्य आभूषण, सुन्दर पति/पत्नी, मनचाहा धन, अपार भोग और स्वर्ग का राज्य— ये सब शिवलिंग की पूजा के फल हैं । शिवोपासना करने वाले मनुष्य की न तो अकालमृत्यु होती है और न सर्दी या गर्मी आदि से ही उसकी मृत्यु होती है । लिंग विभिन्न वस्तुओं से बनाए जाते हैं और उनके पूजन का फल भी अलग होता है अत: अपनी मनोकामना के अनुसार शिवलिंग का चयन कर पूजन करना चाहिए ।

अभिनेत्री श्रीदेवी के पति बोनी कपूर, बेटी जान्हवी व खुशी और देवर अनिल कपूर सहित पूरे परिवार ने 24 फरवरी को उनकी पहली पुण्यतिथि से पहले यहां गुरुवार को उनके लिए एक पूजा रखी। एक सूत्र ने कहा, "यह पूजा उनके मयलापोर बंगले में सुबह हुई, जहां करीबी दोस्त और रिश्तेदार पहुंचे थे।"

बॉलीवुड की दिवंगत एक्ट्रेस श्रीदेवी को निधन हुए 24 फरवरी को एक साल हो जाएगा। पिछले साल दुबई के होटल में श्रीदेवी की मौत हो गई थी और रिपोर्ट्स के मुताबिक तिथि के हिसाब से उनकी बरसी 14 फरवरी 2019 को है

विवाह होने वाला है, वह जातक क्या करें या किस देवी-देवता का पूजन करें, ताकि उनके गृहस्थ जीवन में सुख, शांति व वैभव बना रहे।