President Donald Trump

अमेरिका लगातार कोरोना वायरस के मुद्दे पर चीन पर सवाल उठा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के बाद अब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओब्रायन ने कहा है कि बीते 20 साल में चीन ने दुनिया को 5 बड़े संकट दिए हैं। 

इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने पहली बार स्पष्ट तौर पर कहा कि कोरोना वायरस की उत्पत्ति चीन के वुहान शहर की एक वायरोलॉजी लैब में ही हुई थी। पूरी दुनिया में फैल चुके इस वायरस की चपेट में आकर अब तक दो लाख से ज्यादा जिंदगियां दम तोड़ चुकी हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था तबाह हो गई है।

यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने पिछले सप्ताह ही नए कोरोनावायरस टेस्ट किट को मंजूरी प्रदान की है। अधिकारियों ने दावा किया है कि इससे मात्र 15 मिनट में सटीक जांच परिणाम सामने आ जाते हैं।

सुरक्षा विशेषज्ञ मेजर जनरल एसपी सिन्हा कहते हैं कि वैसे राष्ट्रपति ट्रंप की सुरक्षा में सात रिंग बनाए गए थे। शुरू के दो रिंग में अमेरिकी सीक्रेट सर्विसेज के लोग होते हैं, जिनको जीरो रिंग कहा जाता है। उनके ऊपर कई तरह के खतरे हैं। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा इतनी चाक चौबंद है कि किसी प्रकार से इसको भेदा नही जा सकता है।

सीनेट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को महाभियोग के दोनों आरोपों से बरी कर दिया और इसके साथ ही मामले में यह ऐतिहासिक ट्रायल समाप्त हो गया। वर्ष 2016 के चुनाव में हार के बाद डेमोक्रेट्स ने यह पहल की थी।

कोरोना वायरस का कहर धीरे-धीरे अब पूरी दुनिया में फैलता जा रहा है। इसी वायरस के कारण चीन में अबतक 490 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 24 हजार से ज्यादा कन्फर्म केस सामने आ चुके हैं। ऐसी मुश्किल घड़ी में चीन ने अमेरिका के साथ खड़े होने का फैसला लिया है।

फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने जोर देकर कहा है कि कोई भी आम चुनाव तब तक नहीं होगा, जब तक इजरायल फिलिस्तीनियों को पूर्वी जेरूसलम में मतदान करने की अनुमति नहीं दे देता।

ट्रंप ने यहां संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मजबूत संबंध बनाने और निष्पक्ष द्विपक्षीय व्यापार पर पाकिस्तान और भारत के नेताओं के साथ तथा कई अन्य देशों के नेताओं के साथ उनकी बहुत फलदायी बातचीत हुई है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि उनकी इस सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के दौरान ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी के साथ मुलाकात करने की कोई योजना नहीं है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार देर शाम को अमेरिका दौरे पर रवाना होंगे। रविवार रात को पीएम मोदी को टेक्सास के ह्यूस्टन में ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम को संबोधित करना है।