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विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया, "खुफिया जानकारी मिली थी कि जैश-ए-मोहम्मद भारत में फिर फिदायीन आतंकवादी हमलों की साज़िश रच रहा है, इसलिए उसे रोकने के लिए हमला करना ज़रूरी हो गया था।"

26 फरवरी की सुबह 5 बजकर 12 मिनट पर गफूर ने ट्वीट करके कहा कि "भारतीय वायु सेना ने नियंत्रण रेखा का उल्लंघन किया। पाकिस्तान वायु सेना ने तुरंत कार्रवाई की।

पाकिस्तान अक्सर भारत के मुसलमानों के हित की बात करके भारत पर निशाना साधता रहता है, इसपर ओवैसी ने कहा कि, "पाकिस्तान को भारत में रहने वाले मुसलमानों की चिंता करने की जरूरत नहीं है।

वाशिंगटन स्थित ओवल ऑफिस में मीडिया से बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इस समय भारत और पाकिस्तान के बीच बेहद खतरनाक चीज चल रही है, रिश्ते बहुत तनावपू्र्ण हैं। यह एक बहुत-बहुत खराब स्थिति है, हम लोग चाहेंगे कि ये बंद हो, कुछ ही दिन पहले कई लोग मारे गए थे।"

पाकिस्तान सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में इस कार्रवाई को किया गया है। इसको लेकर गुरुवार को राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक हुई, जिसमें ये निर्णय लिया गया।

पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर अटैक के बाद पाकिस्तान की चारो तरफ निंदा हो रही है। सार्क में शामिल सभी देशों ने पाकिस्तान से हुए इस फिदायीन हमले की निंदा की और भारत के साथ खड़े रहने की बात कही।

पुलवामा अटैक पर जहां दुनियाभर से भारत के लिए संवेदना प्रकट की जा रही है तो वहीं भारत के खास दोस्त इजराइल ने भारत के लिए एक खास ट्वीट किया है।

सीआरपीएफ के शहीद जवानों के परिवारों के प्रति शोक-संवदेना जाहिर करते हुए आडवाणी ने कहा, "भारत सरकार जिस किसी भी तरीके से इस घटना पर प्रतिक्रिया देने का फैसला लेती है उसमें संपूर्ण राष्ट्र को दृढ़ता के साथ एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए।"

झांसी में पीएम के साथ प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद हैं। पीएम मोदी के कायर्क्रम को देखते हुए स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) की टीम यहां पहले से ही मौजूद है।

पाकिस्तान ने जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के काफिले पर हुए हमले में अपना हाथ होने से इनकार किया है। हमले में 42 जवान शहीद हुए हैं। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह हमला 'गंभीर चिंता का विषय' है।