Pulwama Terror Attack

भारतीय राजनीति में इस साल कुछ घटनाएं ऐसी हुईं, जिनका जब भी जिक्र होगा तो 2019 की याद हमेशा आएगी। 2020 का स्वागत करने के साथ ही इन घटनाओं को भी याद करना जरूरी होगा। साल 2019 में एनडीए गठबंधन को फिर से केंद्र की सत्ता मिल गई लेकिन भाजपा के कई दिग्गज नेताओं को खोने का दुःख भी इस साल पार्टी के हिस्से में आया। पार्टी को इससे बड़ा झटका लगा।

राफेल विमान सौदे में भ्रष्टाचार, पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाक अधिकृत कश्मीर में एयर स्ट्राइक को लेकर सरकार को घेरने की कवायद के बीच 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा गया और सारे दावों को धता बताते हुए मोदी 2.0 सरकार कहीं अधिक मजबूती के साथ केंद्र में आई।

साल 2019 में जब नरेंद्र मोदी सरकार प्रचंड बहुमत से आई तो उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती देश की अर्थव्यवस्था को उबारने के रूप में थी।

साल 2019 में एनडीए गठबंधन को फिर से केंद्र की सत्ता मिल गई लेकिन भाजपा के कई दिग्गज नेताओं को खोने का दुःख भी इस साल पार्टी के हिस्से में आया।

साल 2019 को अलविदा कहने से पहले नरेंद्र मोदी सरकार के उन तीन बड़े फैसले और तीन बड़े विवाद को जानना जरूरी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोबारा सत्ता संभाली तो उन्होंने अपनी पार्टी के घोषणापत्र पर काम करना शुरू कर दिया। मोदी 2.0 सरकार ने ऐसे कई फैसले लिए जो ऐतिहासिक रहे।

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर विंग कमांडर अमित रंजन, स्क्वाड्रन लीडर राहुल बसोया, पंकज भुजाडे, बीकेएन रेड्डी और शशांक सिंह को वायुसेना मेडल से सम्मानित किया जाएगा।

पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय वायुसेना द्वारा किए गए एयरस्ट्राइक के बाद से पाकिस्तान ने अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया था। अब पाक ने इसे खोल दिया है और इससे एयर इंडिया को बड़ी राहत मिलने वाली है।

काबुल और कंधार में भारत के राजनयिक मिशनों और कार्यालयों को खुफिया सूचनाओं के बाद हाई अलर्ट पर रखा है, जिससे संकेत मिला है कि आतंकी समूहों जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के बेस कैंप पाकिस्तान से अफगानिस्तान में शिफ्ट किए गए हैं। 

भारत का इसे लेकर साफ कहना है कि चीन की यह योजना उसकी संप्रभुता का उल्लंघन करती है। पाकिस्तान के साथ मिलकर चीन ने चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) बनाया है जो विवादित गिलगित-बलिस्तान क्षेत्र से होकर गुजरती है।