PUNJAB

गौरतलब है कि भारत-पाकिस्तान सीमा का एक लंबा हिस्सा सीमावर्ती राज्य पंजाब से लगता है। भारत से पाकिस्तान जाने व पाकिस्तान से भारत आने का सबसे प्रमुख रास्ता भी पंजाब से ही होकर जाता है व इसी रास्ते सैकड़ों हिंदू शरणार्थी भारत आए हैं।

रायबरेली सदर से कांग्रेस की विधायक अदिति सिंह पंजाब के शहीद भगत सिंह नगर से कांग्रेस विधायक अंगद सिंह सैनी से शादी करेंगी। विवाह समारोह नई दिल्ली के एक रिसॉट में 21 नवंबर को होगा। निमंत्रण कार्ड सीमित अतिथियों को दिए जा रहे हैं। दूल्हे के परिवार की ओर से भी 23 नवंबर को एक प्रीतिभोज आयोजित किया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर यात्री टर्मिनल भवन का भी उद्घाटन किया जिसे एकीकृत जांच चौकी (आईसीपी) भी कहा जाएगा। तीर्थयात्री 4.5 किलोमीटर लंबे नवनिर्मित कॉरिडोर से जाने के लिए यहीं से मंजूरी प्राप्त करेंगे

करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री पीएम मोदी, गुरदासपुर के बीजेपी सांसद सनी देओल, केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी और शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल डेरा बाबा नायक पहुंचें।

भारत और पाकिस्तान के बीच सात दशकों बाद ऐतिहासिक करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन करने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को यहां सिखों के एक तीर्थस्थल पर मत्था टेका।

दिल्ली-एनसीआर के वातावरण में फैले प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट केजरीवाल सरकार को जमकर फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि प्रदूषण पर अरविंद केजरीवाल की सरकार उचित कदम उठाने में नाकामयाब रही है।

दरअसल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने करतारपुर कॉरिडोर में शामिल होने के लिए कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू को न्योता भेजा है। सोमवार को पाकिस्तान ने करतारपुर कॉरिडोर का पहला पास जारी करते हुए इसे नवजोत सिंह सिद्धू को भेजा।

पर्यावरण वैज्ञानिकों को भी इस बात की सही वजह समझ में नहीं आ रही। कुछ का कहना है कि क्योंकि बिल्कुल हल्की बारिश हुई है और इतनी बारिश प्रदूषण हटाने के लिए काफी नहीं है, बल्कि इसकी वजह से प्रदूषण के कण ह्यूमिडिटी बढ़ने पर और ज्यादा कंसंट्रेटेड हो गए हैं।

प्रदूषण के इस हद तक बढ़ने का कारण पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में किसानों द्वारा पराली जलाना है।

खट्टर सरकार के इस फैसले के मुताबिक पराली जलाने के बारे में जानकारी देने पर 1000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई फसल अवशेष प्रबंधन योजना की समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया लिया गया।