Rafale

मल्लिकार्जुन खड़गे ने सवाल खड़े किए थे और इसे तमाशा बताया था। अब कांग्रेस नेता संजय निरूपम ने खड़गे को करारा जवाब दिया है और कहा है कि, ये कोई तमाशा नहीं बल्कि हमारी परंपरा है।

गृहमंत्री ने कहा कि, अभी-अभी चुनाव शुरू हुआ है और हमारे विरोधियों को मालूम ही नहीं पड़ रहा कि चुनाव की शुरुआत पूरब से करें, पश्चिम से करें, उत्तर से करें या दक्षिण से करें उनके पास कोई दिशा नहीं है।

राजनाथ सिंह ने उड़ान पूरी होने के बाद मीडिया चैनलों से कहा, "राफेल विमान के भारतीय अधिग्रहण का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाना चाहिए। यह उनकी निर्णायक क्षमता के कारण संभव हुआ। भारत फरवरी 2021 तक प्रथम 18 राफेल विमान प्राप्त कर लेगा। अप्रैल-मई 2022 तक हमें सभी 36 विमान मिल जाएंगे।"

भारत ने फ्रांसीसी विमानन प्रमुख डसॉल्ट से 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए फ्रांस के साथ एक इंटर-गवर्नमेंटल एग्रीमेंट (आईजीए) पर हस्ताक्षर किया है।

राफेल विमान भारतीय वायुसेना के भविष्य का गौरव साबित होने जा रहे हैं। ये विमान पाकिस्तान के होश उड़ा देंगे। ये किसी नेता या ब्यूरोक्रेट का बयान नही है बल्कि एयरफोर्स के एयर वाइस मार्शल का एलान है।

राफेल में उड़ान के अनुभव शेयर करते हुए कहा,'यह एक बहुत अच्छा अनुभव था। यहां हमने इससे जुड़े कई पाठ सीखे हैं कि कैसे हम राफेल का भारतीय वायुसेना में बेहतर उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा हम यह भी जानेंगे कि  Su-30 के साथ इसका संयोजन किस तरह किया जा सकता है।'

तीनों जजों ने एक मत से दिए फैसले में कहा कि जो नए दस्तावेज डोमेन में आए हैं, उन आधारों पर मामले में रिव्यू पिटिशन पर सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट अब रिव्यू पिटिशन पर सुनवाई के लिए नई तारीख तय करेगा।

सुप्रीम कोर्ट बुधवार को राफेल से जुड़े सरकार के उस दावे पर अपना फैसला सुनाएगा, जिसमें सरकार ने कहा है कि 14 दिसंबर, 2018 के न्यायालय के फैसले की समीक्षा के लिए याचिकाकर्ताओं द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों पर उसका विशेषाधिकार है।

राफेल विमान सौदा मामले में कांग्रेस के आरोपों और उसके 'चौकीदार चोर है' के नारे को भुनाते हुए मोदी ने शनिवार को सोशल मीडिया पर 'मैं भी चौकीदार' अभियान शुरू किया।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को अपने ब्लॉग में विस्तार से विपक्ष के सारे दावों की पोल खोली। शुरुआत में उन्होंने लिखा कि भारत के लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत हैं इसके वोटर्स को निहित ज्ञान होना, उन्हें पता है कि उनके लिए क्या अच्छा है, वो सोच समझकर सही फैसला लेते हैं। उन्हें पता है कि जिसने काम नहीं किया उसे वोट नहीं देना है, और जो कर रहा है उसे ही वोट देना है।