Railway Ministry

इस प्रोटोकॉल के मुताबिक ट्रेनों का स्टॉपेज और डेस्टिनेशन दोनों ही राज्यों से सलाह मशवरा कर तय किया जाएगा। ट्रेनों में एंट्री, टिकट और कोच के भीतर मिलने वाली सुविधाओं के संबंध में रेल मंत्रालय विस्तृत जानकारी सभी को देगा।  राज्य सुनिश्चित करेंगे कि सभी यात्रियों की उचित तरीके से स्क्रीनिंग की जाए।

भारतीय रेलवे के मुताबिक, वह प्रवासी मजदूरों को उनके राज्य पहुंचाने के लिए मजदूरों को टिकट नहीं बेच रहा, ना ही उनसे किराया वसूल कर रहा है।बल्कि, यह किराया राज्य सरकारों से वसूला जा रहा है। भारतीय रेलवे राज्य सरकारों से इन मजदूरों को उनके गृह नगर तक पहुंचाने के लिए कुल लागत का सिर्फ 15 प्रतिशत मानक किराया वसूल रहा है।

रेल मंत्री पीयूष गोयल की तरफ से जो रिपोर्ट कार्ड पेश किया गया वो आम जनता को जरूर सुखद लगेगा। बता दें कि रेल मंत्री की तरफ से पेश किए रिपोर्ट कार्ड में बताया गया है कि मोदी सरकार के शुरुआती 100 दिनों में यात्रियों की सुरक्षा का खास ध्यान रखा गया।

नई दिल्ली। विशाल नाम के एक युवक की दोस्त जो ट्रेन में सफर कर रही होती है। अचानक सफर के...

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