Rajiv Gandhi Foundation

प्राप्त दस्तावेज के मुताबिक टूजी के आरोपी रहे यूनिटेक फर्म ने वर्ष 2007-2008 में राजीव गांधी फाउंडेशन में चंदा दिया था। इसके बाद यूनिटेक की सब्सिडियरी इकाई यूनिटेक वायरलेस को 2008 में 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर 1.658 करोड़ का पेन इंडिया टेलीकॉम लाइसेंस मिला था।

गौरतलब है कि राहुल गांधी का ये ट्वीट गृह मंत्रालय द्वारा कांग्रेस और गांधी परिवार से जुड़े 3 ट्रस्टों की जांच के लिए समिति गठित किए जाने के बाद आया है।

इसके साथ गृह मंत्रालय की ओर से एक कमेटी बनाई गई है, जो कि इन फाउंडेशन की फंडिंग, इनके द्वारा किए गए उल्लंघनों की जांच करेगी। बता दें कि इस कमेटी की अगुवाई प्रवर्तन निदेशालय के स्पेशल डायरेक्टर करेंगे।

मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने राजीव गांधी फाउंडेशन को चीन से चंदा मिलने के बाद आयात में दी गई रियायतों के लिए तत्कालीन वाणिज्य मंत्री कमलनाथ की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस ने चीन के सामने घुटने टेक रखे थे। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि राजीव गांधी फांउडेशन से चीन को डोनेशन मिला।