Rajsthan

इससे पहले गहलोत ने प्रदेश पार्टी अध्यक्ष सचिन पायलट पर निशाना साधा था। सचिन पायलट ने कोटा जाकर शिशुओं के परिवारों से मुलाकात की थी।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह जिले जोधपुर में भी बच्चों की मौत को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। जोधपुर के सरकारी अस्पतालों में दिसंबर महीने में ही 146 बच्चे की मौत हुई है।

राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मामले पर गुरुवार को अपने बयान में कहा था कि, नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ पूरे देश में जो माहौल बना हुआ है, उससे ध्यान हटाने के लिए इस मुद्दे को उठाया जा रहा है।

अमित शाह ने कहा कि जो शरणार्थी प्रताड़ित होकर आए हैं, उन्हें यहां पर सम्मान मिलेगा। ममता दीदी से डरने की जरूरत नहीं है, वो सिर्फ अपनी वोटबैंक संभालना चाहती हैं।

इससे पहले, भाजपा की 4 महिला सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कोटा स्थित जे.के. लोन अस्पताल का निरीक्षण किया। यहां दिसंबर माह में लगभग 100 बच्चों की मौत पर कई सामाजिक संगठन भी अपनी चिंता सरकार के सामने जाहिर कर चुके हैं।

अशोक गहलोत के इस बयान पर लोगों ने सोशल मीडिया पर उनकी काफी आलोचना की है। लोगों ने अशोक गहलोत के पुराने बयानों से उन्हें जवाब दिया है।

राजस्थान के कोटा अस्पताल में बच्चों की मौत का सिलसिला जारी है। कोटा जिले के जेके लोन अस्पताल में दिसंबर के अंतिम दो दिन में कम से कम 8 और शिशुओं की मौत हो गई। इसके साथ ही इस महीने अस्पताल में मरने वाले शिशुओं की संख्या 100 हो गई है।

रखपुर में दिमागी बुखार और बिहार के मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से मरनेवाले लोगों और बच्चों पर सियासत खूब देखने को मिली थी। लगातार ये दोनों खबरें मीडिया की सुर्खियां बनी रहीं। लेकिन राजस्थान के कोटा में 48 घंटे में 10 बच्चे की मौत और साल भर में हजार से ज्यादा बच्चों की मौत पर भी सब कुछ सामान्य नजर आ रहा है।

राज्य के चिकित्सा और स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि यह कदम खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के अनुसार उठाया गया है। राज्य के सभी खाद्य सुरक्षा कार्यालयों को ऐसे उत्पादों की बिक्री, वितरण और उत्पादन पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दे दिया गया है।