Ram Mandir Bhoomi Pujan

मुनव्वर राणा ने अयोध्या में मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर कहा है कि इससे इंसाफ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि विवाद में फैसला तो आया, लेकिन न्याय नहीं मिला।

ऐसे में राम मंदिर निर्माण के लिए बड़ी संख्या में चंदा दिया जा रहा है। जिससे मंदिर निर्माण सुचारू रूप से किया जा सके।

अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के भव्य 'भूमिपूजन' समारोह का प्रसाद सबसे पहले एक दलित परिवार को दिया गया। परिवार महाबीर का है और उन्हें राम चरित मानस की एक प्रति और 'तुलसी माला' के साथ प्रसाद दिया गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने भूमि पूजन के बाद अपने संबोधन में भगवान राम के संदेशों को एक-एक करके बताया। उन्होंने कहा, श्रीराम जी की नीति है- भय बिन होय न प्रीत।

पीएम मोदी ने अयोध्या में सबसे पहले हनुमानगढ़ी पहुंचकर पूजा अर्चना की। इस दौरान सीएम योगी भी उनके साथ मौजूद रहे। यहां संतों ने पीएम मोदी को एक पगड़ी और साफा पहनाया।

भूमि पूजन को लेकर साध्वी ऋतंभरा ने कहा, करीब 500 साल के संघर्ष के बाद स्वाभिमान की जो पुन: प्रतिष्ठा हुई है उसका आनंद अपार है।

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में सरयू नदी के तट पर संध्या आरती की गई है। पुजारियों ने सोमवार शाम यह आरती की।

बता दें कि सोमवार को गणेश जी की पूजा के साथ तीन दिन का अनुष्ठान शुरू हुआ। इसके बाद माता सीता की कुलदेवी छोटी देवकाली और भगवान राम की कुलदेवी बड़ी देवकाली की पूजा की गई। अयोध्या और बनारस के 21 पंडित पूजा करा रहे हैं।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यालय प्रभारी ने उन खबरों को खारिज कर दिया है, जिसमें राम मंदिर आंदोलन को धार देने वाले और भाजपा के अति वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को भूमि पूजन का आमंत्रण न मिलने की बातें कही जा रहीं थी।

अयोध्या के प्रमुख मार्ग पर भवनों को रंगा जाने लगा है। भक्ति संगीत और रामधुन गुंजायमान होने लगी है। शासन प्रशासन की तैयारियां इस तरह की है कि पीएम नरेंद्र मोदी नगर में प्रवेश करें तो उन्हें पीले कलर में सभी भवन नजर आए।