RBI

आरबीआई के गर्वनर शक्तिकांत दास ने सातवें SBI बैंकिंग और इकोनॉमिक्स कॉन्क्लेव में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के चेयरमैन रजनीश कुमार के साथ वीडियो कांफ्रेंस के जरिए चर्चा की। जहां उन्होंने कहा कि कोरोना पिछले 100 साल का सबसे बड़ा आर्थिक संकट है।

केंद्र सरकार शहरी और बहु-राज्यीय सहकारी बैंकों को रिजर्व बैंक की सीधी निगरानी में ले आई है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बैकिंग नियम (संशोधन) अध्यादेश, 2020 को मंजूरी दे दी है, जिसके साथ ही अब सहकारी बैंक आरबीआई की निगरानी में होंगे।

RBI ने कोर्ट में कहा कि, गूगल पे पेमेंट सिस्टम को ऑपरेट नहीं करने की वजह से इसका संचालन भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम-2007 का उल्लंघन नहीं है।

मोदी कैबिनेट में हुई बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए प्रकाश जावड़ेकर बताया कि 1482 शहरी सहकारी बैंकों और 58 बहु-राज्य सहकारी बैंकों सहित सरकारी बैंकों को अब भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की सुपर विजन के तहत लाया जा रहा है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने वाणिज्यिक बैंकों में शासन संबंधित एक चर्चा पत्र तैयार किया है, जिसमें उसने किसी बैंक प्रमोटर के लिए सीईओ या पूर्णकालिक निदेशक के पद पर रहने की समय सीमा का प्रस्ताव किया है।

सुप्रीम कोर्ट में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हलफनामा दायर कर 6 महीने की मोराटोरियम अवधि के दौरान ब्याज माफी की मांग को गलत बताया है।

आरबीआई ने होम लोन, पर्सनल लोन, वाहन लोन की अदायगी की मासिक किस्त रोकने की अवधि अब 31 अगस्त तक के लिए बढ़ा दी है। मतलब कोरोना महामारी के संकट के समय लोगों को मासिक किस्त यानी ईएमआई भरने को लेकर बहरहाल चिंता करने की जरूरत नहीं है।

लॉकडाउन में यह दूसरी बार है जब आरबीआई ने रेपो रेट पर कैंची चलाई है। इससे पहले 27 मार्च को आरबीआई गवर्नर ने 0.75 फीसदी कटौती का ऐलान किया था।

कोरोना का डर इतना ज्यादा है कि लोग इसकी वजह से ATM जाने से भी बच रहे हैं। हम आपको बता रहे हैं एक खास तरीका जिसके जरिए आप बिना ATM जाए कैश निकाल सकते हैं।

अब अगर तीन महीने की छूट का लाभ अगर ग्राहक ना ले और ईएमआई देना जारी रखना चाहता है तो उसे कुछ भी करने की जरूरत नहीं है। वह पहले की तरह अपनी किस्त दे सकता है और उसे किसी तरह का अतिरिक्त भुगतान नहीं करना होगा।