real estate sector

भले ही केंद्र सरकार ने आपके सपनों के घर को पूरा करने के लिए 25 हजार करोड़ रुपये के फंड के लिए मंजूरी दे दी हो लेकिन अभी तक अधूरे पड़े मकानों में काम तक शुरू नहीं किया गया है। वहीं दूसरी ओर विशेषज्ञ इस ढ़िलाई की वजह कुछ और ही बता रहे हैं।

वित्त मंत्रालय की पहली प्राथमिकता एफपीआई कर का समाधान करना होगा, जिसके कारण बाजार में गिरावट आई है। इसके अलावा, ऑटो सेक्टर के लिए दोबारा वित्त मुहैया करने पर भी विचार किया जा रहा है। 

जीएसटी काउंसिल ने रीयल एस्टेट के क्षेत्र में जीएसटी की दर को नरम बनाने के लिए बिल्डरों को 1 अप्रैल, 2019 से इनपुट टैक्स छूट के बिना आवासीय इकाइयों पर 5 प्रतिशत एवं सस्ते मकानों पर 1 प्रतिशत की दर से जीएसटी लेने की अनुमति दे दी थी।

रिटेल रियल एस्टेट क्षेत्र २०१८ में भारत के सबसे तेजी से बढ़ने वाले व्यपारिक क्षेत्रों में से एक है। व्यावसायिक कार्यालयों के अलावा, रिटेल क्षेत्र में २०१८ में ऍमऍमआर, एनसीआर, बैंगलोर और कोलकाता जैसे शहरों में अधिकतम वृद्धि हुई है।