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एक तरफ पूरी दुनिया इस समय कोरोना वायरस महामारी से जूझ रही है। और हर कोई इस घातक महामारी की वैक्सीन और दवा खोजने में लगा है। लेकिन इसी बीच ब्राजील से अच्छी खबर आई है कि एड्स जैसी लाइलाज बीमारी की दवा मिल गई है।

दुनियाभर में कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच एक भारतीय वैज्ञानिक ने अच्छी खबर दी है। भारतीय वैज्ञानिक के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने एक सस्ता, विद्युत रहित सेंट्रीफ्यूज विकसित किया है जो नए कोरोना वायरस की जांच के लिये किसी मरीज की लार के लिये गए नमूनों से घटकों को अलग कर सकता है।

एक शोध में पता चला है कि कोरोना वायरस हर तरह के ब्लड ग्रुप वाले लोगों पर एक जैसा असर नहीं करता है।

ब्रिटिश फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनेका (AstraZeneca), ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर सितंबर माह तक 2 बिलियन कोरोना वैक्सीन का उत्पादन करने की योजना बना रही है।

कोरोना वायरस की शुरुआत के लिए जिम्मेदार चीन ने पैंगोलिन के संरक्षण के स्तर को बढ़ा दिया है। उसने इस प्राणी को प्रथम श्रेणी के संरक्षित जानवरों में शामिल कर दिया है। इस श्रेणी में पांडा जैसे उन जानवरों को रखा गया है, जो विलुप्त होने के कगार पर है।

(NRCE) के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि जड़ी-बूटी में ऐसे कंपाउंड पाए गए हैं जो कोरोना वायरस के संक्रमण पर तेजी से असर कर सकते हैं।

डॉक्टर अजय यादव का कहना है कि 45 दिन की रिसर्च और कड़ी मेहनत के बाद होम्योपैथिक की जो दवाई तैयार की गयी है, उससे कोविड मरीजों को ठीक किया जा सकता है।

दुनियाभर में महामारी कोरोनावायरस से जुड़ी कई तरह की रिसर्च चल रही हैं। वैज्ञानिक लगातार वैक्सीन की खोज में जुटे हुए हैं। इस बीच कोरोना वायरस महामारी से जूझ रही दुनिया के लिए एक अच्‍छी खबर सामने आई है।

डॉक्टरों ने चौंकाने वाला खुलासा किया है कि कोरोना वायरस आंखों से भी फैल सकता है। हालांकि कानों के जरिये इसके फैलने की आशंका से इनकार कर दिया गया है।

हैदराबाद स्थित सेलुलर और आणविक जीव विज्ञान के लिये केंद्र (सीसीएमबी) के वैज्ञानिकों ने देश में कोविड-19 से संक्रमित लोगों में एक अलग तरह के कोरोना वायरस का पता लगाया है।