Reservation

मायावती ने ट्वीट किया "कांग्रेस के बाद अब भाजपा व इनकी केंद्र सरकार के अनवरत उपेक्षित रवैये के कारण यहां सदियों से पछाड़े गए एससी, एसटी व ओबीसी वर्ग के शोषितों-पीड़ितों को आरक्षण के माध्यम से देश की मुख्यधारा में लाने का सकारात्मक संवैधानिक प्रयास फेल हो रहा है, जो अति गंभीर व दुर्भाग्यपूर्ण है।"

कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने आजकल अपना पूरा ध्यान छत्तीसगढ़ में केंद्रित कर दिया है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया इन दिनों अपने प्रभार वाले प्रदेश में 12 से 14 फरवरी के बीच आरक्षण को लेकर प्रेस कांफ्रेंस कर रहे हैं।

प्रियंका ने कहा, "यूपी सरकार भी आरक्षण नीति का मखौल उड़ाती है और यह भाजपा और आरएसएस का एक डिजाइन है। वे पहले एससी/एसटी कानून को कमजोर बनाते हैं और फिर वे संविधान में दिए गए समानता के सिद्धांत के खिलाफ जाते हैं।"

आरक्षण को लेकर राहुल ने कहा कि, "मैं हिंदुस्तान की जनता को कह रहा हूं कि हम रिजर्वेशन को कभी नहीं मिटने देंगे, चाहे मोदी जी सपना देखे या मोहन भागवत सपना देखें...हम ऐसा नहीं होने देंगे।"

बीते दिनों एक मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सरकारी नौकरियों में आरक्षण का दावा करना मौलिक अधिकार नहीं है।

प्रमोशन में आरक्षण को लेकर देशभर के कई राज्य लगातार अदालत की शरण में आते रहे हैं। कई राज्यों में प्रमोशन में आरक्षण की व्यवस्था को बरकरार रखा गया है तो कई राज्यों में इस व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है।

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार ने आरक्षण के जरिए सियासी मास्टर स्ट्रोक मार दिया है, इससे राज्य के सियासी गणित को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने और पुख्ता करने की कोशिश की है।

प्रियंका ने कहा, "आरएसएस ने घोषणा की है कि समाज के सभी मुद्दों को सौहार्दपूर्ण बातचीत के माध्यम से हल किया जाना चाहिए। मुझे लगता है कि मोदी जी और उनकी सरकार या तो आरएसएस के विचारों का सम्मान नहीं करते, या वे नहीं मानते कि जम्मू एवं कश्मीर में कोई मुद्दा है।"

सरकार के फैसले को सही ठहराया और कहा कि ईडब्ल्यूएस में आरक्षण सामान्य वर्ग के उन गरीबों को लाभान्वित करने का एक प्रयास है, जो अब तक सुविधाओं से वंचित हैं।

बुधवार को मोदी कैबिनेट की बैठक हुई जिसमें कई सारे महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इस बैठक में जम्मू-कश्मीर में आर्थिक रुप से कमजोर लोगों को लिए आरक्षण की मंजूरी दी गई है और साथ ही सुप्रीम कोर्ट में जोजों की संख्या में बढ़ोत्तरी भी की गई है।