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इजराइल का उदाहरण देते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि, वहां के लोगों को स्वतंत्रता से पहले यह प्रस्ताव मिला था कि रेगिस्तान पर फिर से अपना देश बसाने पर उन्हें क्या मिलेगा, लड़ना भी बहुत पड़ेगा।

शेहला रशीद इससे पहले भी नरेंद्र मोदी सरकार को लेकर कई बार आपत्तिजनक टिप्पणी कर चुकी हैं। वहीं सेना के खिलाफ किए गए उनके ट्वीट की वजह से भी उनपर मामला दर्ज हो चुका है।

सीएए के खिलाफ देश भर में प्रदर्शन हो रहे हैं। देश के कई हिस्सों में हुए हिंसक प्रदर्शनों में कई लोगों की जान जा चुकी है।

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देश के कई हिस्सों में जहां विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर तमाम संगठन लगातार विधेयक के समर्थन में भी प्रदर्शन कर रहे हैं।

संघ का मानना है कि सिटीजन अमेंडमेंट बिल का समर्थन बीजेपी विरोधी दल भी करेंगे और ये आसानी से संसद के दोनों में पास हो जाएगा।

जानकारी के मुताबिक सभी मुस्लिम पक्षकारों ने हाल ही में राजीव धवन के साथ मीटिंग की थी। इस मीटिंग में  रिव्यू पिटिशन डालने पर सहमति बन गई थी। राजीव धवन के पास इस रिव्यू पिटिशन को अंतिम रूप देने की जिम्मेदारी दी गई थी।

मौलाना सैयद असद रशीदी अयोध्या जमीन विवाद के  मूल पक्षकार एम सिद्दीकी के वैधानिक उत्तराधिकारी हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के 9 नवंबर के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल की है।

सुप्रीम कोर्ट से अयोध्या मुद्दे पर आए निर्णय के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) बहुत फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। संघ इस मुद्दे पर बहुत सावधानी से आगे बढ़ना चाहता है। इसी कारण इस बार छह दिसंबर को होने वाले शौर्य दिवस को आयोजित नहीं करने का निर्णय लिया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट करने के लिए एक पुलिस उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी।

हालांकि, अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर सुन्नी बोर्ड की एक बैठक हुई। बोर्ड की मीटिंग में 7 में से 6 सदस्यों ने रिव्यू पिटीशन नहीं दाखिल करने के हक में बात रखी। एक सदस्य ने विरोध किया।