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जानकारी के मुताबिक सभी मुस्लिम पक्षकारों ने हाल ही में राजीव धवन के साथ मीटिंग की थी। इस मीटिंग में  रिव्यू पिटिशन डालने पर सहमति बन गई थी। राजीव धवन के पास इस रिव्यू पिटिशन को अंतिम रूप देने की जिम्मेदारी दी गई थी।

मौलाना सैयद असद रशीदी अयोध्या जमीन विवाद के  मूल पक्षकार एम सिद्दीकी के वैधानिक उत्तराधिकारी हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के 9 नवंबर के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल की है।

सुप्रीम कोर्ट से अयोध्या मुद्दे पर आए निर्णय के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) बहुत फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। संघ इस मुद्दे पर बहुत सावधानी से आगे बढ़ना चाहता है। इसी कारण इस बार छह दिसंबर को होने वाले शौर्य दिवस को आयोजित नहीं करने का निर्णय लिया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट करने के लिए एक पुलिस उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी।

हालांकि, अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर सुन्नी बोर्ड की एक बैठक हुई। बोर्ड की मीटिंग में 7 में से 6 सदस्यों ने रिव्यू पिटीशन नहीं दाखिल करने के हक में बात रखी। एक सदस्य ने विरोध किया।

संघ परिवार पर 43 किताबें लिख चुके नागपुर के संघ विचारक दिलीप देवधर ने महाराष्ट्र के पूरे राजनीतिक घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए दावा किया है कि महाराष्ट्र में शनिवार को भाजपा की सरकार गठन में शरद पवार की भी मौन सहमति है।

बीएचयू में विवि प्रशासन की ओर से धरना खत्म होने के दावे को झुठलाते हुए छात्रों ने प्रदर्शन के 16वें दिन शुक्रवार को अपना धरना जारी रखा।।

महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर जारी सियासी घमासान पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने बड़ा बयान दिया है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने इशारों-इशारों में महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना के बीच चल रहे तनाव पर दोनों दलों को नसीहत दी है।

बोर्ड की ओर से कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में माना कि विवादित भूमि पर नमाज पढ़ी जाती थी और गुंबद के नीचे जन्मस्थान होने के कोई प्रमाण नहीं है। उन्होंने कहा कि कई मुद्दों पर फैसले समझ के परे है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या में मुसलमानों की खातिर पांच एकड़ जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है।यह जमीन मस्जिद के निर्माण के लिए दी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक सरकार अयोध्या की 14 कोसी सीमा के बाहर ही इस जमीन की तलाश कर रही है।