RTI

प्रधानमंत्री कार्यालय ने पीएम केयर्स फंड को आरटीआई के दायरे में रखने के सवाल पर एतराज जताया है।

वकील हुड्डा ने इस याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। याचिका में जनता की ओर से पीएम केअर्स फंड में जमा कराई गई राशि पूछी गई है।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इसमें कुछ नियम भी जारी किए हैं। फैसले में कहा गया है कि CJI ऑफिस एक पब्लिक अथॉरिटी है, इसके तहत ये RTI के तहत आएगा। हालांकि, इस दौरान दफ्तर की गोपनीयता बरकरार रहेगी।

अगले 24 घंटे के भीतर एक बेहद ही महत्वपूर्ण फैसला आने वाला है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस का दफ्तर आरटीआई के दायरे में आना चाहिए या नहीं इस मुद्दे पर बुधवार को फैसला आ सकता है।

कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने भी सरकार की निंदा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार आरटीआई को एक कंटक के रूप में देखती है और केंद्रीय सूचना आयोग के दर्जे को नष्ट करना चाहती है।

हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी काफी चर्चित नेताओं में से एक है। ना केवल उनका आत्मबल, उत्साह और काम करने की ललक उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाती है बल्कि पीएम मोदी के ड्रेसिंग सेंस के दीवाने कई लोग भी है।  

सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ बुधवार से भूमि अधिग्रहण, न्यायाधिकरणों के ढांचे सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर सुनवाई करेगी।

केस दर्ज कराने वाले एक्टिविस्ट विजय गोपाल इसे निराधार बताते हुए कहते हैं कि ये ऐसी फर्मों द्वारा दिया गया एक बेतुका तर्क था कि अन्य सेवाएं देने के कारण ग्राहकों से हैंडलिंग शुल्क लिया जा सकता है।

नि:शुल्क शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के अंतर्गत होने वाली प्रवेश परीक्षा के लिए बीते शुक्रवार से आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत की गई है।

आरटीआई में खुलासा हुआ कि 2015-16 के दौरान सबसे ज्यादा 153 फिल्में प्रतिबंधित की गईं, इसके बाद 2014-15 में 152 फिल्में, 2013-14 में 119 और 2012-13 में 82 फिल्में सेंसर बोर्ड से प्रमाण पत्र नहीं पा सकीं।