S-400

समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने स्पूतनिक के हवाले से कहा कि रूस से 12 जुलाई के बाद वायु रक्षा प्रणाली के तत्वों की पहली खेप के साथ 30 विशेष उड़ानें भेजी गईं। दोनों देश इस मुद्दे पर लगातार सहयोग के लिए वार्ता कर रहे हैं। इस मुद्दे पर तुर्की में एस-400 प्रणाली के तत्वों का लाइसेंसीकृत उत्पादन के संगठन की अनुमति देना भी है।

पूर्व रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने अपने कार्यकाल में रूस से हथियारों की खरीद में कुछ ऐसे ठोस कदम उठाए जिसकी वजह से देश के 49,300 करोड़ रुपये बच गए। बता दें कि रूस द्वारा एस 400 की खरीददारी को लेकर पूर्व रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने इसकी समीक्षा के आदेश दिए।

नई दिल्ली। भारत ने रूस में बने लंबी दूरी के एस-400 ट्रिम्फ़ एयर डिफेंस सिस्टम ख़रीदने की पूरी तैयारी कर...