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राजस्थान सरकार के नगर निकाय प्रमुखों के चुनाव के लिए एक हाइब्रिड मॉडल को लागू करने के फैसले पर राज्य की सत्तारूढ़ कांग्रेस बंटी हुई नजर आ रही है।

अगर मनमोहन सिंह राजस्थान से चुने जाते हैं, तो वह तीन अप्रैल, 2024 तक राज्यसभा सदस्य होंगे। कांग्रेस को राज्य विधानसभा में बहुमत प्राप्त है, जिससे मनमोहन सिंह के लिए उपचुनाव जीतना आसान है।

राजस्‍थान विधानसभा सत्र के दौरान राजस्‍थान कांग्रेस के अध्‍यक्ष सचिन पायलट अकेले ऐसे कांग्रेस विधायक थे जो सदन के अंदर मौजूद थे।

सचिन पायलट कह रहे हैं कि जनता ने अशोक गहलोत के नाम पर वोट नहीं दिया और ऐसा ही आरोप अशोक गहलोत भी सचिन पायलट पर लगा रहे हैं।

सचिन पायलट ने अधिकारियों को दिया निर्देश- आम आदमी के मुद्दों पर ध्यान दें

लोकसभा चुनाव में बड़ी शिकस्त मिलने के बाद कांग्रेस की मुश्किलें और बढ़ती जा रही हैं। खासकर राजस्थान सरकार को लेकर कांग्रेस में मतभेद गहराता जा रहा है। चूंकि लोकसभा चुनाव में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत भी चुनाव हार गए हैं। ऐसे में कांग्रेस नेताओं में मुख्यमंत्री गहलोत के लिए असंतोष सामने आ रहा है और सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग जोर पकड़ रही है।

कांग्रेस में कलह: सीएम गहलोत ने बेटे की हार का ठीकरा सचिन पायलट पर फोड़ा

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमिटी के मुखिया और राज्य के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट उनके बेटे की हार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। वैभव गहलोत जोधपुर लोकसभा सीट से चुनाव हार गए हैं।

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का राजस्थान समेत कई राज्यों में सूपड़ा साफ हो गया है। जिसके बाद गहलोत सरकार में सियासी घमासान मचना शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच की गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। पार्टी का एक गुट प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ सियासी माहौल बनाने में जुटा है।

राजस्थान में आरक्षण के लिए गुज्जर समुदाय का आंदोलन तीसरे दिन रविवार को हिंसक हो गया। धौलपुर के निकट प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प हुई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि गोलियों की आवाजें सुनाई देने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे।