sachin pilot

सचिन पायलट ने गहलोत को चुनौती देते हुए कहा है कि अगर उनके पास जरूरी विधायकों की संख्या है, तो विधानसभा में बहुमत साबित कर दिखाएं।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पहले मीडिया को अपने आवास में बुलाया है, जहां पर विधायकों की संख्या का शक्ति प्रदर्शन किया गया। हालांकि इससे पहले भी अशोक गहलोत की ओर से लगातार 100 से अधिक विधायकों के समर्थन की बात कही जा रही थी।

जयपुर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक होने वाली है और उससे पहले पार्टी के राजस्थान प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा है कि उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट फोन कॉल का जवाब नहीं दे रहे हैं।

संजय झा इससे पहले भी पार्टी आलाकमान को कटघरे में खड़ा कर चुके हैं। संजय झा ने पिछले दिनों एक लेख के माध्यम से पार्टी की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए थे।

सचिन पायलट यहां कांग्रेस के लिए जीत तय करनेवाले विमान की मुख्य सीट पर बैठकर उसको चला रहे थे और सत्ता की मलाई खाने का जब वक्त आया तो पार्टी की तरफ से अशोक गहलोत को सामने लाकर खड़ा कर दिया।

सचिन पायलट के पुराने मित्र और कांग्रेस से भाजपा में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट कर कांग्रेस और अशोक गहलोत पर निशाना साधा है।

राजस्थान में मौजूदा समय में जो सियासी संकट पैदा हुआ है, उसका कारण यही चिट्ठी है। बताया जा रहा है कि इस नोटिस के मिलने के बाद से ही सचिन पायलट नाराज़ है।

कांग्रेस में जारी अंतर्कलह को लेकर पार्टी के कई वरिष्ठ नेता चिंतिति और परेशान नजर आ रहे हैं। कल इसी को लेकर दिग्विजय सिंह का भी बयान आया था। अब कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने अपनी पार्टी के लिए चिंता जाहिर की है।

नाम नहीं छापने की शर्त पर भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि मध्यप्रदेश में स्थिति भिन्न थी, लेकिन इसके उलट राजस्थान में सीटों का अंतर भाजपा और कांग्रेस के बीच ज्यादा है।

सूत्रों के अनुसार, पायलट खेमे के सदस्य माने जाने वाले विधायक पी. आर. मीणा ने राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार द्वारा उनसे किए जाने वाले सौतेले व्यवहार से सोनिया गांधी को अवगत कराने के लिए उनसे मिलने की मांग की थी।