sadhvi pragya thakur

भोपाल के माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय में मचा तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है। छात्रों के आंदोलन के बाद अब वहां छात्राएं भी धरने पर बैठ गई हैं। यह वे विद्यार्थी हैं जो विश्वविद्यालय प्रशासन के रवैए और शिक्षा के नाम पर जाति धर्म को अपशब्द कहने वाले अध्यापकों से बेहद नाराज हैं।

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के गोडसे को देशभक्त बताने के बाद अब मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग ने गांधी के नाम के साथ एक निंदनीय विशेषण जोड़ दिया है। मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग का एक हैरान करने वाला कारनामा सामने आया है।

कांग्रेस की एक गलती ने प्रज्ञा ठाकुर को वापसी का बड़ा मौका दे दिया है। प्रज्ञा ठाकुर ने कांग्रेस पर ना सिर्फ करारा पलटवार किया है बल्कि वह अब कांग्रेस की सोच के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ने की तैयारी में भी हैं।

बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के पद चिन्हों पर चलने वालों की संख्या बढ़कर बढ़ती जा रही है। प्रज्ञा के यह समर्थक कोई और नहीं बल्कि बीजेपी के ही विधायक हैं।

साध्‍वी प्रज्ञा ने आज बताया कि कुछ दिन पूर्व उनके पास कई बार धमकी भरा कॉल आया। यह कॉल किसी प्राइवेट नंबर से आ रहा था, जिसका नंबर डिस्‍प्‍ले नहीं हो रहा था। सामने वाले व्‍यक्ति ने उन्‍हें गाली गलौज के साथ जान से मारने की धमकी दी।

भोपाल से सांसद साध्वी प्रज्ञा ने गांधी संकल्प यात्रा से दूरी बनाए रखी थी। वह इस यात्रा में शामिल नहीं हुई थी। इसे लेकर काफी विवाद भी हुआ था। जब उनसे इस बाबत पूछा गया तो साध्वी ने गांधी को राष्ट्रपिता के बजाय राष्ट्र का पुत्र करार दिया। मगर साध्वी ने साथ में यह भी जोड़ दिया कि देश में और भी कई वीर हैं।

भोपाल से भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के लिए राहत की खबर आई है। मालेगांव ब्लास्ट मामले में प्रज्ञा ठाकुर ने एनआईए की स्पेशल कोर्ट में अर्जी दी थी कि उन्हें पेशी से छूट दी जाय।

प्रज्ञा ठाकुर को माफ ना करने की बात उस समय और पक्की हो गई जब संसद के सेंट्रल हाल में एक-एक करके जीते हुए सभी सांसद पीएम मोदी के सामने से गुजर रहे थे। इसी क्रम में साध्वी प्रज्ञा ठाकुुर भी मोदी के सामने से गुजरीं।

देश की सबसे हॉट सीट भोपाल मानी जा रही है। जहां सीधा मुकाबला आतंकवाद के आरोपों का सामना कर रही साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के बीच में है। साध्वी इस चुनावी लड़ाई को धर्म युद्ध साबित कर चुकी है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने बेटे निशांत के साथ राजभवन स्थित मतदान केंद्र पर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा, "चुनाव इतनी लंबी अवधि में नहीं होने चाहिए।