Samajwadi Party

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे हैं। इस दौरान वह 1254 करोड़ की 50 परियोजनाओं की सौगात एक-एक कर अपने संसदीय क्षेत्र की जनता को दे रहे हैं।

पोस्टर पर लिखा है कि प्रियंका गांधी कांग्रेसियों के कृत्य का खंडन करें या फिर माफी मांगे। ये पोस्टर जनपद की प्रमुख सड़कों पर लगाए गए हैं। दरअसल आजमगढ़ में कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की ओर से पूर्व सीएम अखिलेश यादव के लापता होने के पोस्टर चिपकाए गए थे। इसके बाद समाजवादी पार्टी हमलावर हो गयी है।

अब्दुल्ला आजम के निर्वाचन के खिलाफ तत्कालीन बसपा नेता नवाब काजिम अली ने याचिका दायर की थी। नवाब अब कांग्रेस में हैं। अली ने अपनी याचिका में कहा था, “साल 2017 में चुनाव के समय अब्दुल्ला की आयु 25 साल से कम थी, लेकिन चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने फर्जी दस्तावेज पेश किए।”

कन्नौज के छिबरामऊ में बस हादसे में घायल यात्रियों का हालचाल लेने सौ शय्या अस्पताल पहुंचे पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने किसी बात से नाराज होकर वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. डीएस मिश्रा को कमरे से भगा दिया।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की उत्तर प्रदेश में बढ़ रही सक्रियता समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को खटकने लगी है। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध के अलावा प्रदेश में हुई अन्य घटनाओं में प्रियंका ने न केवल बढ़चढ़ कर भाग लिया, बल्कि सपा बसपा को मात दे दी।

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को कहा कि वह राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के लिए फार्म नहीं भरेंगे।

समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान को आज बड़ा झटका लगा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद आजम खान को बड़ा झटका देते हुए उनके बेटे अब्दुल्ला आजम का निर्वाचन रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अब्दुल्ला आजम ने 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान अपनी आयु से संबंधित फर्जी दस्तावेज पेश किए थे और चुनाव के समय उनकी आयु चुनाव लड़ने के योग्य नहीं थी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अजय सिंह बिष्ट कहने पर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आईपी सिंह पर वाराणसी में आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मामला अधिवक्ता कमलेश चंद्र त्रिपाठी ने शिवपुर थाने में दर्ज कराई है।

यूपी में समाजवादी पार्टी अब नई राह पकड़ती नजर आ रही है। वोट की खातिर सपा की ओर से अब दलितों को लुभाने की कोशिश शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी पहली बार बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर का परिनिर्वाण दिवस बड़े पैमाने पर मनाएगी।

इस सीट पर भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच कड़ी टक्कर हुई थी। अब भाजपा इस सीट पर मिली शिकस्त का हिसाब बराबर राज्यसभा के लिए होने वाले उपचुनाव में करेगी और यूपी विधानसभा में मजबूत संख्या बल के आधार पर पार्टी आसानी से सपा को हरा देगी।