Sanjay Nirupam

मुंबई के पूर्व कांग्रेस अध्‍यक्ष ने कहा कि राहुल गांधी उनके नेता हैं और हमेशा रहेंगे, लेकिन आखिर निकम्मा कहां था? संजय के इस ट्वीट का सीधा इशारा मिलिंद देवड़ा की तरफ था।

पार्टी की मौजूदा हालत को देखते हुए सिंधिया का मानना है कि कांग्रेस को आत्म अवलोकन करने की जरूरत है। उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि मौजूदा समय में कांग्रेस की जो स्थिति है उसका जायजा लिया जाना जरूरी है, ताकि कांग्रेस को आगे बढ़ाया जा सके।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने सवाल खड़े किए थे और इसे तमाशा बताया था। अब कांग्रेस नेता संजय निरूपम ने खड़गे को करारा जवाब दिया है और कहा है कि, ये कोई तमाशा नहीं बल्कि हमारी परंपरा है।

अशोक चव्हाण ने संजय निरुपम के पार्टी में गुटबाजी के आरोप पर कहा कि यह उनकी निजी राय हो सकती है। चव्हाण ने कहा, 'जब तक वो पार्टी में मजबूती के साथ थे, वो अच्छा बोल रहे थे। लेकिन जब बात नहीं बनी तो वो आलोचना कर रहे हैं।'

संजय निरुपम मुंबई में एक सीट की मांग पार्टी से कर रहे थे लेकिन उनकी इस मांग को भी नकार दिया गया। टिकट बंटवारे को लेकर नाराज संजय निरुपम ने यहां तक संकेत दे दिया है

सोमवार को मातोंडकर की एक चिट्ठी लीक हुई है, जिसमें उन्होंने निरूपम के खिलाफ तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया है।

जौनपुर के यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अपने खून से खत लिखकर राहुल गांधी से इस्तीफा न देने की गुजारिश की है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब से राहुल गांधी के इस्तीफा की बात सुनी है तभी से हमलोग परेशान हैं।

वाराणसी में प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे कांग्रेस नेता अजय राय के समर्थन में नुक्कड़ सभा करने पहुंचे संजय निरुपम ने कहा, ''वाराणसी के लोगों ने जिस व्यक्ति को चुना वे औरंगजेब के आधुनिक अवतार हैं। क्योंकि यहां पर कॉरिडोर के नाम पर सैकड़ों मंदिरों को तुड़वाया गया और विश्वानाथ मंदिर में दर्शन के नाम पर 550 रूपए का फीस लगाया गया।''

लोकसभा चुनाव 2019 से पहले मुंबई कांग्रेस की गुटबाजी सामने आ रही है। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम के नेतृत्व के खिलाफ राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले मिलिंद देवड़ा ने बगावती तेवर अख्तियार कर लिया है। देवड़ा का कहना है कि पार्टी में जो कुछ चल रहा है, उससे वो बिल्कुल भी खुश नहीं हैं।

नई दिल्ली। देश में पिछले कुछ समय से नेताओं की जुबान इतनी बेलगाम हो गई है। कि ना उन्हें किसी...