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इससे पहले, पिछले दिनों ही सिंधिया के प्रभाव वाले क्षेत्रों में शामिल श्योपुर, ग्वालियर ग्रामीण, विदिशा, सीहोर, शिवपुरी, गुना शहर, गुना ग्रामीण और होशंगाबाद के अध्यक्ष बदले गए थे।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री पद के दो बड़े दावेदार हैं। एक पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, और दूसरे केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर। लेकिन चौहान बहुसंख्यक विधायकों की पसंद हैं।

इसको लेकर राजस्थान के कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा, मुझे उम्मीद है कि मध्य प्रदेश में मौजूदा संकट जल्द ही समाप्त हो जाएगा और नेता मतभेदों को हल करने में सक्षम होंगे।

सिंधिया के सामने हाजिर नहीं होना चाहते ये कांग्रेस नेता!

बीते महीने हुए लोकसभा चुनाव में सिंधिया को हार मिली थी, जबकि गुना संसदीय क्षेत्र को सिंधिया राजघराने का गढ़ माना जाता है। वह यहां से चार बार सांसद रह चुके हैं।

सिंधिया के सामने फूटा किसान का गुस्सा, देखिए क्या कहा किसान ने

ग्वालियर। पूर्व केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश की कांग्रेस इकाई की चुनाव प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया ने...

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