Shaheen Bagh

Delhi Riots: इस पूरी साजिश को अंजाम दिलाने में पिंजरा तोड़ ग्रुप की तरफ से की गई मदद के बारे में भी चार्जशीट(Chargesheet) में लिखा गया है। चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि कैसे जहांगीरपुरी(Jahangir Puri) से 300 महिलाओं को पहले शाहीन बाग(Shaeen Bagh) धरने के लिए ले जाया जा रहा था

Shaheen Bagh: राष्ट्रीय राजधानी के शाहीनबाग (Shaheen Bagh) में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के खिलाफ सड़क पर धरने पर बैठने के मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को टिप्पणी की कि लोगों के आने-जाने के अधिकार के साथ विरोध के अधिकार को संतुलित होना चाहिए।

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ शाहीन बाग (Shaheen Bagh) में सरकार का पुरजोर विरोध करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता शहजाद अली (Social Activist Shahzad Ali ) रविवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए।

दिल्ली हिंसा के बाद से आए दिन इस मामले को लेकर नए-नए खुलासे हो रहे हैं। दिल्ली पुलिस की तरफ से हाल ही में ताहिर हुसैन के बयान को सबके सामने लाया गया था।

इससे पहले दिल्ली पुलिस ने दिल्ली हाईकोर्ट में जवाब दाखिल कर कहा था कि उसे शरजील इमाम के खिलाफ जांच के लिए और समय की जरूरत है।

पुलिस ने मंगलवार सुबह प्रदर्शन स्थल को पूरी तरह से खाली करवा लिया है। इसके अलावा वहां प्रदर्शन के दौरान लगाए गए टेंट को भी हटा दिया गया है। साथ ही नोएडा-कालिंदी कुंज सड़क को भी खाली करा लिया गया है।

सीएए-एनआरसी के खिलाफ पिछले कई हफ्तों से शाहीन बाग की महिलाएं सभी सावधानियां बरतते हुए लगातार प्रदर्शन कर रही हैं। लेकिन वहां भी कोरोनावायरस के एक पॉजिटीव मामले के आने के बाद से ही हड़कंप मचा हुआ है लेकिन फिर भी वहां अभी भी महिलाएं प्रदर्शन कर रही हैं।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गुरुवार को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के दिल्ली प्रमुख परवेज अहमद और सचिव मोहम्मद इलियास को दंगों से इनके संबंध के चलते गिरफ्तार किया है। 

उत्तर पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद, सीलमपुर, ओल्ड मुस्तफाबाद, भजनपुरा, चांद बाग आदि इलाके बीते 24-25 फरवरी को अचानक जलने शुरू नहीं हुए। इनकी शुरूआत शाहीन बाग से हुई है।

दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच रविवार को धारा 144 लागू कर दी गई है। शाहीन बाग में दिल्ली पुलिस ने नोटिस जारी कर कहा है कि इस क्षेत्र में न इकट्ठे हों, न ही प्रदर्शन करें। इस आदेश को न मानने वालों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी।