Sharad pawar

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार के नई दिल्ली स्थित आधिकारिक आवास से सुरक्षा हटाए जाने को बदले की राजनीति करार देते हुए राकांपा और शिवसेना ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार के नई दिल्ली स्थित आधिकारिक आवास से सुरक्षा हटाए जाने को बदले की राजनीति करार देते हुए राकांपा और शिवसेना ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार को उम्र के 80वें साल में प्रवेश करने पर गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शुभकामनाएं दी। पीएम मोदी ने ट्वीट किया, "शरद पवार जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं। उनकी लंबी उम्र व स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करता हूं।"

महाराष्ट्र में शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी को एकसाथ मिलाने के पीछे सबसे बड़ी भूमिका शरद पवार की ही रही है। लेकिन जब महाराष्ट्र में सत्ता के बंटवारे पर उनसे सवाल हुआ तो उन्होंने कहा कि शिवसेना के पास मुख्यमंत्री है जबकि कांग्रेस के पास स्पीकर है।

एनसीपी चीफ शरद पवार ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें साथ मिलकर काम करने का प्रस्ताव दिया था लेकिन उन्होंने (पवार) इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। शरद पवार ने एक मराठी टीवी चैनल को दिए गए साक्षात्कार में यह दावा किया।

साल 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में अजित पवार एक अहम चेहरा बनकर सामने आए हैं। बीजेपी के खेमे में घुसकर एनसीपी में घरवापसी कर चुके अजित पवार के काम बार बार आशंका पैदा कर रहे हैं।

चार तटस्थ विधायकों में राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के विधायक राजू पाटिल का भी नाम शामिल है। गौरतलब है कि, शिवाजी पार्क में आयोजित उद्धव ठाकरे की शपथ ग्रहण समारोह में भाई राज ठाकरे भी पहुंचे थे।

फडणवीस ने कहा कि, जिस तरह से शपथ ली गई उस पर भी मुझे आपत्ति है। जिसके बाद स्पीकर ने कहा कि सदन के बाहर क्या हुआ उस पर बात नहीं करनी चाहिए। उसके बाद फडणवीस ने कहा कि मुझे संविधान पर बात करने का अधिकार है।

भाजपा अभी भी रेस से बाहर नहीं है और विधानसभा स्पीकर पद के लिए भाजपा ने अपना उम्मीदवार उतार दिया है। जहां कांग्रेस ने नाना पटोले को अपना उम्मीदवार बनाया है। तो वहीं भाजपा ने किसन कथोरे को अपना प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतारा है।

महाराष्ट्र की सियासत में मची भारी उथलपुथल के बीच दो आपस मे बिछड़े टूटे परिवार अब एक होने की राह पर हैं। अजित पवार की वापसी के बाद अब ठाकरे सरकार के बीच भी सुलह की कोशिश की जा रही है।