Shivpal Yadav

राजनीतिक गलियारों में अब चर्चा यह होने लगी है कि शिवपाल को कमजोर करके सपा अपना बेस वोट बचाने की कोशिश कर रही है। शिवपाल ने लोकसभा चुनाव के दौरान ही सपा छोड़ दी थी, लेकिन सपा ने उस समय उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म कराने को लेकर कोई पहल नहीं की थी।

उत्तर प्रदेश की योदी आदित्यनाथ सरकार ने समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान के बाद अब मुलायम परिवार को बड़ा झटका दिया है और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यूपी सरकार ने मुलायम परिवार से लोहिया ट्रस्ट बिल्डिंग खाली करवा लिया है।

समाजवादी पार्टी ने अब जिस तरह से शिवपाल सिंह यादव की विधानसभा सदस्यता खारिज करने के लिए याचिका लगाई है, उससे पता चलता है कि वर्ष 2016 से पार्टी में वर्चस्व के लिए शुरू हुई चाचा-भतीजे की लड़ाई थमने के दूर-दूर तक आसार नहीं हैं।

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) लोहिया के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने कहा है कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में 13 विधानसभा सीटों पर होने जा रहे उपचुनावों में अपने उम्मीदवार नहीं उतारेगी।

लखनऊ। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के प्रमुख और समाजवादी पार्टी से नाता तोड़ चुके शिवपाल यादव ने फिर से सपा...

इस चुनाव में डिंपल और अक्षय की सीट हारकर सपा को शिवपाल यादव की कमी जरूर खली होगी। माना जाता है कि कन्नौज सीट के स्थानीय सपा नेता और कार्यकर्ता शिवपाल यादव के ज्यादा करीबी हैं

घोषणापत्र में सपा संस्थापक मुलायम सिंह की फोटो न होने के संबंध में जब शिवपाल से पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि यह प्रगतिशील समाजवादी पार्टी है।

लखनऊ। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल यादव ने कहा कि “हम दूसरे अन्य धर्मनिरपेक्ष दलों के साथ मिलकर...

नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन का एलान हो गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती...

नई दिल्ली। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी-लोहिया (प्रसपा-लो) के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को लेकर...