Shivsena

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर जिले के पगोना गांव स्थित एक शिव मंदिर के भीतर दो संतों की हत्या कर दी गई। जब लोग मंगलवार सुबह मंदिर पहुंचे और खून से लथपथ शवों को देखा, तब उन्हें हत्याकांड का पता चला। खबरों के मुताबिक, मृतकों की पहचान जगनदास (55) और सेवादास (35) के रूप में हुई है।

राजनीतिक रूप से शरद पवार और अजीत पवार के बीच मतभेद कई बार उजागर हो चुके हैं। वहीं अब सीएए और एनपीआर की आग महाराष्ट्र में अजित पवार और शरद पवार के बीच दिखने लगी है। जहां एक तरफ तो अजित पवार नागरिकता कानून का खुलकर समर्थन कर रहे हैं।

सामना में जिन्ना का भी ज़िक्र किया गया, "गांधी जी अंग्रेजों के एजेंट थे। गांधी का स्वतंत्रता आंदोलन प्रायोजित था, ऐसा भाजपाई सांसद अनंत कुमार हेगड़े कहते हैं। ऐसा जो कहते हैं, उन्हें पाकिस्तान में व्याप्त अराजकता को देखना चाहिए। वहां बैरिस्टर जिन्ना सुखी और यहां गांधी बदनाम हैं, ऐसा दौर चल रहा है!"

ऐसे कई मौके आए हैं जब शिवसेना के हिंदुत्व को लेकर सवाल उठे हैं। दरअसल महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी के साथ सरकार बनाने के बाद उद्धव ठाकरे को कई मौकों पर झुकना पड़ा है।

देशभर में चल रहे नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बीच महाराष्ट्र सरकार की ओर से ये कहा गया था कि वह इस कानून के खिलाफ विधानसभा में बिल नहीं लाएगी। लेकिन अब महाराष्ट्र सरकार में मुस्लिमों के लिए आरक्षण की चर्चा जोरो पर है।

संगठन के मुद्दे को लेकर कहा कि, इस संगठन का मुख्य मुद्दा हिंदुत्व रहेगा, उसके साथ ही किसानों गरीबों और मजदूरों की समस्याओं को भी उठाना हमारा मुद्दा रहेगा।

उन्होंने लिखा कि उनके कहने पर राहुल गांधी ने वादा किया था कि मुंबई के लोगों को एसआरए और सरकार की अन्य योजनाओं के तहत 500 स्क्वायर फीट का घर दिया जाएगा। इस वादे को पूरा किया जाए।

उद्धव ठाकरे ने अपने मुखपत्र सामना में राज ठाकरे और उनकी राजनीति को लेकर तंज कसा और उनके द्वारा पार्टी का झंडा और नारा बदलने पर सवाल भी उठाया।

अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर वैसे तो कांग्रेस हमेशा मोदी सरकार पर निशाना साधती रही है लेकिन जब उसके खुद के नेता इस आजादी का फायदा उठाकर जनता द्वारा चुने गए प्रधानमंत्री के लिए अपशब्दों का प्रयोग करते हैं तो कांग्रेस आलाकमान चुप्पी साध लेती है।

महाराष्ट्र में शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन की सरकार गठन के बाद विभागों के बंटवारे में एक महीने के लगभग का समय लग गया।