Shivsena

मुंबई में आज एनसीपी और कांग्रेस नेताओं की बैठक हुई। इसमें महाराष्ट्र में सरकार गठन पर चर्चा हुई। इस मीटिंग के बाद पत्रकारों से बात करते हुए प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि शिवसेना ने 11 नंवबर को हमसे आधिकारिक तौर पर संपर्क किया था।

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया है और राष्ट्रपति ने राज्यपाल की सिफारिश पर मुहर लगा दी है। राष्ट्रपति ने कैबिनेट की सिफारिश को मंजूरी दे दी है और अब महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन को लागू कर दिया गया है।

महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उन्हें सियासत की नब्ज़ समझने वाला क्यों माना जाता है? शरद पवार ने अपने अनुभव से यह समझ लिया था कि शिवसेना किसी भी सूरत में सरकार बनाने की स्थिति में नहीं होगी।

राज्य के राज्यपाल ङागत सिंह कोश्यारी ने राष्ट्रपति को राज्य की सियासी घटनाक्रम से अवगत कराया और पत्र लिखकर राज्य में धारा 356 लगाने की सिफारिश की है।

अब शिवसेना दोनों तरफ से फंसती नजर आ रही है। इन सबके बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर लोगों ने शिवसेना की जमकर खिंचाई की है।

जनकारी के मुताबिक, राज्यपाल शाम तक इंतजार करेंगे और फिर राष्ट्रपति शासन लगाने के बारे में अंतिम फैसला लिया जाएगा। बता दें, राज्यपाल भाजपा, शिवसेना और एनसीपी तीनों पार्टियों से बात की है और अभी तक कुछ भी साफ नहीं हो पाया है। 

महाराष्ट्र कांग्रेस के विधायक शिवसेना के साथ सरकार बनाने के लिए सहमत दिख रहे हैं। अब कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे इस मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से बात करेंगे।

न्यूज एजेंसी से बात करते हुए शिवसेना नेता ने कहा, 'अगर कोई सरकार बनाने को तैयार नहीं है तो शिवसेना ये जिम्मा ले सकती है।' कांग्रेस के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, 'कांग्रेस राज्य की दुश्मन नहीं है।

सामना के लेख रोकटोक में संजय राउत ने भाजपा की तुलना हिटलर से कर दी है। उन्होंने कहा कि पांच साल दूसरों को डर दिखाकर शासन करने वाली टोली आज खुद खौफजदा है। यह उल्टा हमला हुआ है। डराकर मार्ग और समर्थन नहीं मिलता है

राज्यपाल द्वारा बीजेपी को सरकार गठन का ऑफर दिए जाने के बाद शिवसेना एक्शन मोड में आ गई है। पार्टी ने अपने विधायकों को होटल में शिफ्ट कर दिया है, जिनके साथ आदित्य ठाकरे ने रातभर बैठक की है।