Shivsena

महाराष्ट्र की सियासत में मची भारी उथलपुथल के बीच दो आपस मे बिछड़े टूटे परिवार अब एक होने की राह पर हैं। अजित पवार की वापसी के बाद अब ठाकरे सरकार के बीच भी सुलह की कोशिश की जा रही है।

उद्धव सरकार शनिवार को दोपहर 2 बजे बहुमत परीक्षण करेगी। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने बहुमत साबित करने के लिए उद्धव ठाकरे को 3 दिसंबर तक का वक्त दिया था।

ठाकरे परिवार से आने वाले महाराष्ट्र के पहले सीएम के तौर पर उद्धव ने शपथ ले ली है, लेकिन उनके लिए सरकार चलाने से ज्यादा बड़ी चुनौती त्रिपक्षीय गठबंधन को साधे रखना होगा। एनसीपी और कांग्रेस को साधना उनके लिए एक चुनौती होगा।

'सामना' ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए लिखा है, 'महाराष्ट्र की राजनीति में भाजपा-शिवसेना में अन-बन है, लेकिन नरेंद्र मोदी और उद्धव ठाकरे का रिश्ता भाई-भाई का है। इसलिए महाराष्ट्र के छोटे भाई को प्रधानमंत्री के रूप में साथ देने की जिम्मेदारी मोदी की है।

शिवसेना प्रमुख और हिन्दू वादी नेता बालासाहेब ठाकरे के बेटे उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के 18वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पत्र लिखकर ये साफ कर दिया है कि, वो इस समारोह में शामिल नहीं होंगी। सोनिया ने पत्र में लिखा है कि, 'आदित्य ठाकरे ने मुझे शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया था। लेकिन मैं अफसोस के साथ बोल रही हूं कि, मैं इस समारोह में शामिल नहीं हो पाऊंगी'। 

एक ऐसा कॉमन मिनिमम प्रोग्राम बनाया गया है, जिसमें विवाद वाले मुद्दों को बाहर रखने की कोशिश की गई है, ताकि सरकार पर कोई आंच ना आए।

महाराष्ट्र में सियासी उथल पुथल की वजह बन चुके अजित पवार ने अपना स्टैंड साफ कर दिया है। वह फिलहाल उद्धव ठाकरे के मंत्रिमंडल का हिस्सा नहीं होने जा रहे हैं।

कांग्रेस की ओर से जो दो मंत्री शपथ लेने वाले हैं, उनमें बड़ा बदलाव हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण अब मंत्री पद की शपथ नहीं लेंगे, बल्कि उनकी जगह नितिन राउत शपथ लेंगे। बता दें कि वह दलित नेता हैं और पूर्व में मंत्री भी रह चुके हैं।

मुंबई के शिवाजी पार्क में उद्धव ठाकरे के शपथ ग्रहण के लिए मंच को बिल्कुल उस अंदाज में बनाया गया है, जिस अंदाज में छत्रपति शिवाजी महाराज के शपथ के समय था।