Shoaib Akhtar

यह पहली बार नहीं है जब अख्तर ने सेना का सम्मान करने की बात कही है। इससे पहले, उन्होंने दावा किया था कि काउंटी क्रिकेट की लाखों रुपयों की करार को ठुकरा दिया था, क्योंकि वह 1999 के कारगिल युद्ध में भारत के खिलाफ लड़ना चाहते थे।

अख्तर ने कहा, "टी-20 विश्व कप भी हो सकता था लेकिन मैंने पहले ही कहा था कि वह इसे होने नहीं देंगे। आईपीएल को नुकसान नहीं होने देना चाहिए, विश्व कप को भाड़ में जाने दो।"

अख्तर को अब सोशल मीडिया पर ट्रोल का सामना करना पड़ रहा है। एक यूजर्स ने लिखा, " बॉर्डर के पार आतंकवादी रहते हैं। नहीं चाहिए कोई भी जल्द से जल्द ठीक होने वाली दुआ।"

आईसीसी ने स्टीव स्मिथ को बाउंसर से आउट करने वाले शोएब अख्तर के कमेंट पर उन्हें ट्रोल किया था। जिसपर पूर्व पाकिस्तानी तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल पर पलटवार किया है।

गौरतलब है कि ईएसपीएन क्रिकइंफो ने पूर्व और मौजूदा क्रिकेटरों को लेकर एक ट्वीट किया था, जिसमें पूछा था कि किस पूर्व और मौजूदा क्रिकेटर के बीच फैन्स बैट और बॉल की जंग देखना चाहेंगे।

शोएब अख्तर ने कहा, "मौजूदा पौध में, मुझे लगता है कि नसीम शाह मेरे गेंदबाजी एटीट्यूड और जुनून को दोहरा सकते हैं। नसीम और मैं बेहतरीन आक्रामक गेंदबाजी जोड़ी बनते।"

ख्तर अपने यूट्यूब चैनल पर उमर अकमल पर पीसीबी द्वारा लगाए गए तीन साल के प्रतिबंध को लेकर बात कर रहे थे। अख्तर ने रिजवी का मजाक बनाया और उनके कानूनी अनुभव पर सवाल खड़े किए थे

उन्होंने कहा, "मैं यह साफ तौर पर कहता हूं कि अगर अकरम ने मुझसे मैच फिक्सिंग का कहा होता तो मैं उसे बहुत मारता यहां तक कि जान भी ले लेता। लेकिन उन्होंने मुझसे कभी ऐसी बात नहीं की।"

शोएब अख्तर ने कोरोनावायरस से प्रभावितों की मदद के लिए धन जुटाने हेतु एक प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच तीन वनडे मैचों की सीरीज कराई जानी चाहिए जिससे काफी पैसा एकत्रित हो सकता है जो इस महामारी के समय में पीड़ितों के काम आएगा।

अख्तर ने इससे पहले, इस बीमारी के खिलाफ लोगों को जाति धर्म से ऊपर उठकर लोगों की मदद करने का अनुरोध किया था। अख्तर ने अपने यूटयूब चैनल पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने लोगों से अनुरोध किया था कि वे एक वैश्विक कार्यबल के रूप में काम करें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्दशों का पालन करें।