Shramik Special Train

केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को राज्य सरकारों से अपील कर कहा है कि वह रेलवे को और अधिक श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के संचालन की अनुमति प्रदान करें।

रेलवे बोर्ड के अध्‍यक्ष विनोद कुमार यादव ने कहा कि सामान्य स्थिति की ओर लौटने के प्रयास में रेल मंत्रालय 1 जून से 200 मेल एक्सप्रेस ट्रेनें चलाएगा। उन्‍होंने बताया कि पिछले चार दिनों से औसतन प्रतिदिन 260 श्रमिक स्‍पेशल ट्रेन चलाई जा रही हैं और प्रतिदिन तीन लाख श्रमिक इनका फायदा उठा रहे हैं।

बता दें कि यह ट्रेन 21 मई को शाम 7 बजकर 20 मिनट पर मुंबई के वसई स्टेशन से चली थी। श्रमिक एक्सप्रेस को 22 मई को गोरखपुर पहुंचनी थी, लेकिन गोरखपुर ना पहुंचकर ट्रेन ओडिशा के राउरकेला पहुंच गई।

उन्होंने कहा कि गुरुवार तक रेलवे ने 2,317 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया है और देश भर में 31 लाख से अधिक लोगों को उनकी मंजिल तक पहुंचाया है। रेलवे ने कई शहरों में 15 जोड़ी विशेष वातानुकूलित ट्रेनों का संचालन भी शुरू कर दिया है।

लॉकडाउन की वजह से देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रवासी मजदूरों के लिए चलाये जा रहे श्रमिक स्पेशल ट्रेन की जैसे-जैसे मांग बढ़ रही है, वैसे-वैसे रेलवे के लिए यात्री डिब्बों का जुटाना मुश्किल हो रहा है।

गुजरात के सूरत शहर से सुबह सात बजे बांदा रेलवे स्टेशन पहुंची दूसरी ट्रेन में 1792 मजदूर सवार थे, जबकि मुंबई से सुबह साढ़े दस बजे पहुंची तीसरी ट्रेन में 1300 प्रवासी मजदूर थे।

रेलवे ने इससे पहले 17 मई तक ट्रेनों के टिकट कैंसिल किए थे। अब रेलवे ने 30 जून तक सभी टिकटों को कैंसिल करने का ऐलान किया है। दरअसल, देश में लॉकडाउन का तीसरा चरण 17 मई को खत्म हो रहा है।

देशव्यापी बंदी की वजह से देश के विभिन्न राज्यों में फंसे लोगों को निकालने के लिए अब तक भारतीय रेल 366 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चला चुकी है।