shramik special trains

COVID-19 Lockdown : लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान प्रवासी मजदूरों को उनके राज्य तक पहुंचाने के लिए चलाये जा रहे श्रमिक स्पेशल ट्रेनों (Shramik Special Trains) में 97 लोगों की मौत हुई थी। इसकी जानकारी केंद्रीय रेलमत्री पीयूष गोयल (Railway Minister Piyush Goyal) ने शनिवार को राज्यसभा में दी है।

पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव ने शनिवार को रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष को पत्र लिखा है। इसमें उनका कहना है कि जिला प्रशासन इस समय चक्रवात तूफान अम्फान की वजह से राहत और पुनर्वास के कार्यों में व्यस्त है, इसलिए उनके लिए अगले कुछ दिनों तक स्पेशल ट्रेनों को रिसीव करना संभव नहीं होगा। इसलिए अनुरोध किया जाता है कि 26 मई तक राज्य में कोई भी ट्रेन न भेजी जाए।

कोरोना महामारी से निपटने के लिए गुजरात में अब सरकार ने राज्य व्यापी अभियान छेड़ दिया है। इस अभियान को 'मैं भी कोरोना वॉरियर' के शीर्षक के साथ शुरू किया गया है।

इस प्रोटोकॉल के मुताबिक ट्रेनों का स्टॉपेज और डेस्टिनेशन दोनों ही राज्यों से सलाह मशवरा कर तय किया जाएगा। ट्रेनों में एंट्री, टिकट और कोच के भीतर मिलने वाली सुविधाओं के संबंध में रेल मंत्रालय विस्तृत जानकारी सभी को देगा।  राज्य सुनिश्चित करेंगे कि सभी यात्रियों की उचित तरीके से स्क्रीनिंग की जाए।

रेलवे प्रवक्ता ने जानकारी दी, "बीते तीन दिनों में रेलवे ने प्रतिदिन 2 लाख लोगों को घर पहुंचाने का काम किया है। लेकिन आगे आने वाले दिनों में रेलवे प्रतिदिन 3 लाख लोगों को उनके गंतव्यों तक पहुचाने का काम शुरू करने जा रही है।"

चिट्ठी में आगे लिखा गया है कि जो सड़क-ट्रैक पर चल रहे हैं, उन्हें समझाया जाए और खाने की सुविधा दी जाए। वहीं श्रमिक स्पेशल ट्रेन को लेकर गृह सचिव ने लिखा है कि राज्य सरकारें रेलवे के संपर्क में बनी रहें और श्रमिक ट्रेन की सुविधा को देखते रहें।

वहीं मंत्रालय ने ये भी कहा, 'श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन करने के लिए निर्दिष्ट गंतव्य के अनुसार राज्य द्वारा दी गई यात्रियों की संख्या के अनुसार ट्रेन टिकट की छपाई की जाएगी।