Supreme Court

निर्भया गैंगरेप केस में दो दोषियों ने फांसी की सजा के बाद सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव याचिका डाली दी थी, जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को खारिज कर दी।

केरल सरकार ने मंगलवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है। ऐसा करने वाला यह देश का पहला राज्य है। याचिका में शीर्ष अदालत से सीएए को असंवैधानिक घोषित करने का अनुरोध किया गया है। यह याचिका भारत के संविधान के अनुच्छेद 131 के तहत दायर किया गया है।

निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले में मौत की सजा का सामना कर रहे दो दोषियों द्वारा दायर उपचारात्मक (क्यूरेटिव) याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 14 जनवरी को सुनवाई करेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को जम्मू एवं कश्मीर प्रशासन को सभी पाबंदियों को एक हफ्ते के भीतर समीक्षा करने का आदेश दिया है। इसी को लेकर कांग्रेस ने अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार पर निशाना साधा और कहा कि अदालत ने उन्हें याद दिलाया है कि देश संविधान से चलने के लिए प्रतिबद्ध है न कि उनके द्वारा। घाटी में पिछले साल चार अगस्त से इंटरनेट सेवा बंद है।

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को साइरस मिस्त्री को टाटा संस के अध्यक्ष के रूप में बहाल करने के नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) के आदेश पर रोक लगा दी। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस ए बोबडे ने कहा कि एनसीएलएटी ने उस प्रार्थना को अनुमति दे दी, जिसका अनुरोध ही नहीं किया गया था।

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाने के बाद लगाई गई पाबंदियों के खिलाफ दायर याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 'जम्मू7 कश्मी)र में पाबंदियों के आदेश की समीक्षा के लिए कमेटी बनेगी।

चीफ जस्टिस ने इस दौरान ये भी कहा कि हम कैसे घोषित कर सकते हैं कि संसद द्वारा अधिनियम संवैधानिक है? हमेशा संवैधानिकता का अनुमान ही लगाया जा सकता है।

एक तरफ जहां निर्भया गैंगरेप के चारों दोषियों को फांसी पर लटकाए जाने की तारीख मुकर्रर होने के बाद फांसी देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है तो वहीं अब दोषियों की कोशिश इस बात की है कि उन्हें मिलने वाली फांसी की सजा में और देरी होती जाए।

निर्भया के गुनहगार अब क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल करने की तैयारी में हैं। उनके वकील एपी सिंह ने इस बात की पुष्टि की है। उन्हें इस सिलसिले में कुछ दस्तावेजों की ज़रूरत है, जिसके लिए आवेदन कर दिया गया है।

सीबीआई ने यह भी कहा कि बिहार सरकार से आग्रह किया गया है कि विभागीय कार्रवाई करे और सीबीआई के प्रारूप में जांच परिणाम मुहैया कर संबंधित एनजीओ का पंजीकरण रद्द करने और उन्हें काली सूची में डालने के लिए कहा गया है।