Supreme Court

मोदी सरकार ने मेंटिनेंस ऐंड वेलफेयर ऑफ पैरंट्स एंड सीनियर सिटीजन एक्ट 2007 के तहत बुजुर्गों का ख्याल रखने वालों की परिभाषा को बड़ा कर दिया है। अब नए प्रस्ताव के तहत व्यक्ति की ज़िम्मेदारी खुद के बच्चों तक सीमित नही रहेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को आईएनएक्स मीडिया मामले में वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम को जमानत दे दी। न्यायमूर्ति आर भानुमति की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि कांग्रेस नेता आईएनएक्स मीडिया मामले के बारे में कोई सार्वजनिक बयान नहीं देंगे और साथ ही मामले में गवाहों को डराने का कोई प्रयास नहीं करेंगे।

जानकारी के मुताबिक सभी मुस्लिम पक्षकारों ने हाल ही में राजीव धवन के साथ मीटिंग की थी। इस मीटिंग में  रिव्यू पिटिशन डालने पर सहमति बन गई थी। राजीव धवन के पास इस रिव्यू पिटिशन को अंतिम रूप देने की जिम्मेदारी दी गई थी।

राजीव धवन ने फेसबुक पोस्ट पर लिखा कि मुझे ये बताया गया कि मुझे केस से हटा दिया गया है, क्योंकि मेरी तबियत ठीक नहीं है। ये बिल्कुल बकवास बात है। बता दें, राजीव धवन ने सुप्रीम कोर्ट में सुन्नी वक्फ बोर्ड और अन्य मुस्लिम पार्टियों का पक्ष रखा था।

मौलाना सैयद असद रशीदी अयोध्या जमीन विवाद के  मूल पक्षकार एम सिद्दीकी के वैधानिक उत्तराधिकारी हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के 9 नवंबर के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल की है।

अयोध्‍या पर पिछले दिनों आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिप्‍पणी करने पर भारत ने पाकिस्‍तान को जमकर लताड़ा है। पाकिस्तान को यूनाइटेड नेशंस ह्यूमन राइट्स काउंसिल (यूएनएचआरसी) में भारत ने एक बार फिर खरी खोटी सुनाई है। 15 दिनों के अंदर यह दूसरा मौका है जब भारत की तरफ से अयोध्‍या पर आए फैसले को लेकर पाकिस्तान को आईना दिखाने की कोशिश की गई है।

सुप्रीम कोर्ट से अयोध्या मुद्दे पर आए निर्णय के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) बहुत फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। संघ इस मुद्दे पर बहुत सावधानी से आगे बढ़ना चाहता है। इसी कारण इस बार छह दिसंबर को होने वाले शौर्य दिवस को आयोजित नहीं करने का निर्णय लिया गया है।

हालांकि, अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर सुन्नी बोर्ड की एक बैठक हुई। बोर्ड की मीटिंग में 7 में से 6 सदस्यों ने रिव्यू पिटीशन नहीं दाखिल करने के हक में बात रखी। एक सदस्य ने विरोध किया।

महाराष्ट्र में सियासत रोज नया रंग दिखा रही है। अब मतदान का समय तय हो गया है। दोनों ही पक्षों की सबसे बड़ी चिंता अपने अपने विधायकों को संभाल कर रखने की है। इस बीच में नेता विधायक दल को लेकर पेच फंस गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अपने आदेश में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बुधवार शाम पांच बजे से पहले विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने के लिए कहा। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इसके लिए गुप्त मतदान नहीं होगा और सदन की कार्यवाही का लाइव प्रसारण किया जाएगा।