Swami vivekanand

पाश्चत्य जगत की भोगवादी चमक-धमक को छोड़कर स्वामी विवेकानंद का शिष्यत्व ग्रहण करने को आतुर आयरिश युवती मार्गरेट भारत की ही हो गयी I वेदांत को सीखा,अपनाया और जीया भी I जिन तेजस्वी गुरु स्वामी विवेकानंद के आकर्षक व्यक्तित्व और सदाचार से प्रभावित होकर मातृभूमि छोड़ी थी।

कन्याकुमारी में विवेकानन्द शिला स्मारक के 50वें वर्ष के अवसर पर विवेकानन्द केन्द्र ‘एक भारत विजयी भारत’ के अन्तर्गत राष्ट्र-व्यापी महासम्पर्क का कार्य 2 सितम्बर 2019 से प्रारम्भ करने जा रहा है।

आज से 155 साल पहले हमारे देश में एक ऐसे संन्यासी ने जन्म लिया था, जिसने समूची दुनिया को भारत...

नई दिल्ली। आज स्वामी विवेकानंद जयंती के मौके पर देश भर के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने भी स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि...