Tablighi Jamaat

दरअसल फिल्ममेकर हंसल मेहता ने एक ट्वीट करते हुए लिखा- 'तबलीगी जमात अपने अतीत से कभी नहीं सीखेगी।'

सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि काफी लोगों को मस्जिद के अंदर से नमाज पढ़ने के बाद आते हुए देखा जा सकता है। इसी बीच मौलाना साद भी हाथ में कुछ लेकर मस्जिद से बाहर आते हुए दिखाई दे रहे हैं।

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के सामने दायर अपने हलफनामे में कहा कि निजामुद्दीन मरकज मामले में सीबीआई जांच की जरूरत नहीं है।

गृह मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है। तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल होने वाले विदेशी नागरिकों को 10 साल तक एंट्री नहीं मिलेगी।

हजरत निजामुद्दीन स्थित तबलीगी मरकज में गैरकानूनी रूप से शामिल होने के बाद देशभर में कोरोनावायरस फैलाने के आरोपों में घिरे विदेशी नागरिकों पर शिकंजा कसने लगा है।

तबलीगी जमात के मरकज मामले में दिल्ली पुलिस ने आज 20 चार्जशीट दाखिल कर दी। 20 देशों के 83 विदेशियों के खिलाफ 14 हजार पन्नों की 20 चार्जशीट दाखिल की गई।

सूत्रों के मुताबिक, याचिका में कहा गया है कि तबलीगी जमात के 3300 सदस्यों को 40 दिनों से अलग-अलग क्वारंटाइन केंद्रों में रखा गया है। इनकी कोविड-19 की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी इन्हें जाने नहीं दिया गया। इसमें 14 दिनों के क्वारंटाइन के दिशानिर्देश का पालन करने के लिए अधिकारियों को निर्देश देने को कहा गया है।

गौरतलब है कि मरकज में इंडोनेशिया, मलेशिया, थाइलैंड, ईरान, चीन और बांग्लादेश समेत कई देशों से जमाती आए हुए थे। मरकज में शामिल होने के बाद यह लोग देश के अलग-अलग हिस्सों में गए थे। मरकज का कोरोना कनेक्शन सामने आने के बाद कई सभी विदेशी जमातियों को क्वारनटीन किया गया था।

क्राइम ब्रांच की टीम ने सईद से ऐसे करीब 20 लोगों की डिटेल्स मांगी है जो मरकज में आने-जाने वाले लोगों और वहां की पूरी व्यवस्था का जिम्मा संभालते हैं। यूं तो मौलाना साद के तीन बेटे हैं पर सईद मरकज से जुड़े कामों में सबसे ज्यादा सक्रिय रहता है। क्राइम ब्रांच को उससे पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। 

दिल्ली पुलिस की एक ताजा रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। दिल्ली पुलिस के मुताबिक तबलीगी जमात के कार्यक्रम में 3 नहीं बल्कि 15 हजार लोगों ने शिरकत की थी।